10096 मीटर की सड़क बनाई गई 896 मी. में डामरीकरण नहीं, मामला PMGSY सोनझरी का।
रामकुमार टंडन
कवर्धा - खबर छत्तीसगढ़ न्यूज़ 24 ने लगातार आप तक खबर पहुचने का काम कर रही है, भ्रस्टाचार की पोल खोलने की मुहीम में RTI से प्राप्त दस्तावेज से जानकारी सामने आई है। जिसे हम संकलन कर जनमानस तक पहुचाने का कार्य कर रहे हैं।

PMGSY इस सड़क निर्माण पर भ्रस्टाचार की बानगी देखनी हो तो पैकेज क्र.CG09 121 सोनझरी को देखा जा सकता है| परियोजना क्रियान्वयन इकाई कवर्धा निर्माण एजेंसी के अफसरों के माध्यम से 18100 मीटर लम्बी सड़क निर्माण किया गया है, जिसमें 17204 मीटर सड़क पर डामरीकरण का कार्य किया गया है, 896 मीटर सड़क पर डामरीकरण का कार्य छोड़ दिया गया है। इस सड़क में GSB तक का काम माप पुस्तिका के अनुसार कुल लम्बाई तक किया गया है। ज्ञातव्य हो की 18100 मीटर की लम्बी सड़क में GSB का कार्य हुआ है, तो 896 मीटर में डामरीकरण का कार्य क्यों नहीं कराया गया है, जबकि सड़क की चौड़ाई 9 मीटर के लगभग है,।इस पर क्रियान्वन इकाई को क्या लाभ हो रहा है, यह तो कार्य में संलग्न अफसर ही बता सकते हैं। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराया जाना आवश्यक है।

पहले इस पैकेज की सड़क में बिना विचलन स्वीकृति के भुगतान किया गया, रोयल्टी की चोरी हुई। अब इस सड़क की कुल लम्बाई में BT क्यों नहीं किया गया है। बहुत बड़ा सवाल छुपा हो सकता है। जानकार लोगो की माने तो PMGSY के अफसर 896 मीटर GSB सड़क बनाई गई है, वह एप्रोच रोड है, जबकि प्रधानमंत्री सड़क में इतनी लम्बी एप्रोच रोड नहीं बनाया जाता है। इस योजना में ज्यादातर गावों को जोड़ने की बात कही गई है, लेकिन जिस तरह से इस सड़क पर 896 मीटर की रोड पर डामरीकरण नहीं कराया गया है, उससे तो लगता है, की बड़े पैमाने पर अनियमितताए की गई है, GSB अभी से ख़राब हो रहा है, जिससे आते-जाते जानवरों के खुर ख़राब हो रहे हैं। प्राकलन के अनुसार मटेरियल लगाया जाना था, अर्थवर्क से लेकर WBM, GSB, डामर, आदि पर अनियमितताएं बरती गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केंद्रसरकार की बहुप्रतीक्षित योजनाओं में से एक है, सड़क निर्माण से गावों एवं शहरों का विकास होता है। इसे ध्यान में रखकर ही योजना को बनाया गया है। इसे भी भ्रस्ताचार रूपी दीमक खोखले कर रहे हैं। देश में काली कमाई करने वालो के खिलाफ जांच कर कार्यवाही किया जा रहा है। इस बात को ध्यान में रखकर पेकेज क्र. 121 पर उच्चस्तरीय जांच कराकर वैधानिक कार्यवाही किया जाना जरुरी है।