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सागौन के पेड़ काटने का मामला, मृतक के परिजन वनकर्मियों पर कार्यवाही के दबाव से आत्महत्या का लगा रहे है आरोप।

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              रामकुमार टंडन

कवर्धा - विगत दिवस कुकदुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमराखोल के बैगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था, उस पर वनविकास निगम के कर्मचारियों के द्वारा दो पेड़ सागौन वृक्ष काटने के मामले में कार्रवाई के डर और रुपए घूस मांगने को लेकर आत्महत्या का आरोप परिजन लगा रहे हैं। आत्महत्या की घटना 10 सितंबर की है, कमराखोल कक्ष क्रमांक 497 में बसा हुआ है। मृतक 55 वर्षी दुधराम बैगा ने दो पेड़ सागौन वृक्ष को अवैध रूप से काटा था, इस बात को परिजन स्वीकार भी कर रहा है। वन विकास निगम के कर्मचारियों ने कटे पेड़ पर कार्यवाही करते हुए कागजी कार्रवाई भी किया है, पेड़ काटने वाले के घर जाकर उस पर वन अपराध के तहत मामला दर्जकर कार्रवाई किए जाने की बात भी किया था। तब से बुधराम बैगा डरा सहमा हुआ था। पुलिसिया कार्रवाई होने के दबाव भी वनविभाग के कर्मियों ने दिया था। इस कार्रवाई से बचाने के लिए बुधराम बैगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या 10 सितंबर 2022 को कर लिया है। इसकी सूचना रिपोर्ट पर पुलिस मर्ग कायमकर मृतक बुधराम बैगा की शव परीक्षण के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। सागौन वृक्ष काटने के बाद PRO दर्जकर बचे हुए भाग जप्त कर लिया गया है। मरने के बाद परिजन वनविभाग के कर्मियों पर मृतक बुधराम के बताए अनुसार 50 हजार रूपए कार्रवाई नहीं करने के बदले में मांगने का आरोप मृतक की पत्नी, पुत्र,भतीजा लगा रहा है। उनका आरोप है वन विकास निगम के कर्मचारियों ने रुपए का मांग और पुलिसिया कार्रवाई की धमकी नही दिया गया होता तो बुधराम बैगा नही मरता। ज्ञातब्य हो कि परिजनों के द्वारा बीते 15 दिनों में पुलिस थाने में जाकर उक्त आशय की शिकायत नही किया गया है। सिर्फ हवा में ही आरोप लगाया जा रहा है। जो कि एक जांच का विषय बनता है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकती है। आज मृतक के परिजनों का हाल-चाल जानने संसद संतोष पाण्डेय भी अपने कार्य कर्ताओं के साथ पहुंचे हुए थे। परिजन बयान करते हुए सांसद के सामने कहा की बुधराम ने आत्महत्या वन विकास निगम के कर्मचारियों के द्वारा मोटी रकम 50 हजार रूपए घूस मांगने और पुलिसिया कार्रवाई कर जेल भेजने की धमकी के कारण किया है। इस विषय पर चिंता जाहिर करते हुए सांसद पांडेय ने राज्य सरकार और उनके वनमंत्री पर प्रशासनिक ब्यवस्था बिगाड़ने भ्रष्टाचार के चलते एक संरक्षित जनजाति बैगाजाति का मृत्यु आत्महत्या करने से हुई है, इसका जवाब राज्य सरकार को देना पड़ेगा। हम बैगा की मृत्यु गलत तरीके से धनलाभ अर्जित करने के लिए उकसाने और धमकी देने वाले अफसरों को नही छोड़ेंगे, मै बैगा परिवार के साथ हूं उन्हें न्याय मिले। प्रशासन कार्रवाई करे।

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