कवर्धा को रेल मार्ग से जोड़ने की आवश्यकता आज से नहीं अंग्रेजों के कार्यकाल से मानी जा रही है, सामाजिक कार्यकर्ता वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी बृजलाल अग्रवाल ने कहा कि क्षेत्र के पूर्व कांग्रेसी नेता स्व. श्री हमीदउल्ला खान के बताए अनुसार अंग्रेजों के कार्यकाल में मुंगेली प्लेटफार्म का भी निर्माण शुरू था, जिसके अवशेष आज भी देखे जा सकते है, किन्तु अपरिहार्य कारणों से काम रुक गया जो आज तक लंबित है। राजनांदगांव जिले के सांसद रामसहाय पांडे ने भी कवर्धा को रेलमार्ग से जोड़ने हेतु कहा था, पश्चात कांग्रेसी सांसद मोतीलाल जी बोरा ने सर्वेकार्य की स्वीकृत होना बताया किन्तु वास्तविक्ता का पता नहीं चला। सरकार बदली केंद्र में भाजपा आयी प्रदेश में भाजपा आयी प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमनसिंह एवं सांसद अभिषेक सिंह के प्रयास से केंद्र और राज्य की तालमेल से सर्वेकार्य भी पूरा हो गया, एवं कार्य हेतु राशि भी स्वीकृत हो गई, किन्तु बाद में पता चला कि सर्वे में कुछ मार्ग बदल दिया गया है, जिसे कांग्रेस सरकार स्वीकार नहीं कर रही है। रेल्वे संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन भी किया गया, किन्तु राज्य और केंद्र की सहयोग से उक्त कार्य सम्पन्न होना है। अतः विवादस्पद रेलमार्ग पर आपसी तालमेल से कार्य को गति दी जानी चाहिए। चार वर्ष बाद प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से इस संबंध में अनुमति मांगी है। समय काल एवं परिस्थिति के अनुसार मुख्यमंत्री को शीघ्र योजना प्रारंभ करने की घोषणा की जानी चाहिए। रेल लाइन होने से प्रदेश क्षेत्र का आवागमन बढ़ेगा, यात्रियों को राहत मिलेगी एवं व्यापार में वृद्धि होगी। अब देखना यह है, कि रेल मार्ग प्रारंभ करने का श्रेय किसको मिलेगा |