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अष्टाह्निका महोत्सव ● संकल्प दिवस पर नवपद पूजा कर मनाया उत्सव।

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रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर स्थित महावीर स्वामी जिनालय में 3 अक्टूबर, सोमवार से अष्टाह्निका महोत्सव का शुभारंभ हो चुका है। आध्यात्मिक चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्रीमान विवेक डागा जी ने बताया कि जप-तप और साधना के क्रम में परम पूज्य साध्वी स्नेहयशाश्रीजी म. सा. आदि ठाना 7 के पावन निश्रा में 3 अक्टूबर से अष्टाह्निका महोत्सव की शुरुआत हुई है, जिसमें शनिवार को संकल्प दिवस पर सुबह 8 बजे से मां नवपद पूजा हुई, जिसके लाभार्थी जयचंद जी, मंगलचंद जी लुनावत परिवार रहे। वहीं, 9 अक्टूबर, रविवार को श्रद्धा दिवस पर दादागुरुदेव पूजा के साथ अष्टाह्निका महोत्सव का समापन होगा। न्यू राजेंद्र नगर स्थित महावीर स्वामी जिनालय में शनिवार को नवकार मंत्र में ज्ञान पद और अज्ञान को दूर करने का रहस्य विषय पर साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने कहा कि नवपदऔली का सातवां पद है ज्ञान जो हमें नियमित पढने-पढ़ाने और सोचने-विचारने की प्रेरणा देता है। हर रोज 20 मिनट ही सही, पॉजिटिव और मोटिवेशनल किताबें अवश्य पढ़ें। एक प्रेरक वचन या प्रेरक प्रसंग आपकी बुद्धि के लिए विटामिन-सी का काम करेगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान को अपने जीवन की रोशनी बनाएँ। ज्ञान अगर कृष्ण है तो आचरण अर्जुन। कृष्ण और अर्जुन का संयोग बैठ जाए तो जीवन का महाभारत निश्चित तौर पर जीता जा सकता है। याद रखें, क्रोध करने से बच्चों की याददाश्त कमजोर होती है और बड़ों का भाग्य। आप क्रोध पर नियंत्रण रखिए, दिमाग पर नियंत्रण अपने आप रहेगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी पूज्य बनता है, जब उसके साथ विनम्रता हो। यदि हम अहंकार के गुलाम हैं, तो समझो अज्ञान हम पर हावी है, पर यदि हम विनम्रता के पुजारी हैं, तो इसका मतलब है ज्ञान का प्रकाश हमारे पास सुरक्षित है। खेत उसका होता है, जो उसे जोतता है और भगवान उसके होते हैं, जो उन्हें भजता है तथा विद्या उसकी होती है, जो उसे पढ़ता है। ज्ञान-प्राप्ति के लिए उम्र को कभी आड़े मत आने दीजिए। कोई अपने से छोटा हो, तब भी उससे विद्या ग्रहण कर लेनी चाहिए। सोने का कंगन नाली में पड़ा हो तो क्या हम उसे ग्रहण नहीं करते? बुढ़ापा है तो क्या हुआ, विद्या-ग्रहण अवश्य कीजिए। इस जन्म में भले ही वह फल न दे, पर अगले जन्म में वह सहज सुलभ हो जाएगी। सीखी हुई विद्या हमेशा अपना सौ गुना मोल लौटाती है। बुद्धि की निर्मलता के लिए रोज सुबह ध्यान कीजिए और रात को सोने से पहले स्वाध्याय। इससे आप दिनभर दिव्य मनरूस्थिति के मालिक रहेंगे और रात को दुस्वप्नों से बचे रहेंगे। वहीं, न्यू राजेंद्र नगर स्थित महावीर स्वामी जिनालय में 3 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक हर रात 8.30 बजे अद्भुत अक्टूबर का आयोजन किया जा रहा है। साध्वी स्नेहयशाश्रीजी की पावन निश्रा में बेमिसाल तोहफों से सजी खूबसूरत सी संध्या कार्यक्रम किया जा रहा है। वहीं, रविवार को कौन बनेगा महाज्ञानी होगा जिसकी संयोजक डौंडी लोहारा ग्रुप की निशा लोढ़ा है।

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