पंडरिया - बढ़ती हुई जनसंख्या और नई नई बीमारियों के प्रकोप ने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। इसी को ध्यान में रखकर 39 गांव व 45 हजार की आबादी वाले उपस्वास्थ्य में विगत दो कुछ वर्षों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की मांग विभाग संचनालय सहित विधायक मंत्री व राज्य सरकार व केंद्र सरकार तक ग्रामवासियों के सहयोग से सरपंच श्रीमती नागेश चंद्राकर कर रही है। पंडरिया मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर मुख्यमार्ग पर बसा गांव महली ग्राम पंचायत मुख्यालय भी है। यहां उपस्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से संचालित है। इस उपस्वास्थ्य केंद्र के अन्तर्गत 39 गांव 24 ग्राम पंचायत 45 हजार की आबादी वाले सेक्टर महली को 5 सेक्टर में विभाजित किया गया है। स्वस्थ्य सुविधा की हालत किसी से छिपी नहीं है। कोरोना महामारी का जो प्रकोप आया था। उस की दहशत आज भी कायम है, इस दौरान एक स्वस्थ व्यक्ति एक ही दिन में बीमार हो दुनिया से अलविदा कह चुके हैं, दुनिया में सबसे ज्यादा चिंता स्वास्थ्य सुविधा को लेकर बड़े बड़े विद्वान डाक्टर, प्रोफेसर,वैज्ञानिक कर रहे हैं। आधुनिकता की चकाचौंध अंधी दौड़ में जिंदगी की कीमत अमूल्य होने के बाद भी बहुत ही कम हो गई है। नित नई-नई बीमारियों का जन्म हो रहा है। उपचार के लिए सुविधाएं उपलब्ध नही है। उप स्वास्थ्य केन्द्र महली की 45 हजार आबादी के लिए एक स्वस्थ केंद्र का होना अतिआवश्यक है। स्वास्थ्य सुविधा नही मिलने के कारण आम गरीब लोग सबसे अधिक नीम हकीम झाड़ फुक तंत्र मंत्र वालों के पास पहुंच कर इलाज कराने मजबुर हैं। ग्राम पंचायत महली की सरपंच श्रीमती नागेश चंद्राकर पंचायती राज्य व्यवस्था के अंतर्गत ग्राम पंचायत मुखिया होने के नाते जनहित को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर शासन प्रशासन सहित विभाग को भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की मांग कर रही हैं। पिछले महीने कुकदूर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जनचौपाल कार्यक्रम के दौरान अपनी मांग पत्र के माध्यम मांग करी है। सरपंच अब तक विभागीय मंत्रालय, विधायक, विभागीय मंत्री, देश के प्रधानमंत्री कार्यालय तक महली में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की मांग कर चुके हैं। ग्राम पंचायत मुख्यालय में आयोजित बैठक के दौरान 2.50 एकड़ ज़मीन भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए प्रस्तावित कर सुरक्षित रखा गया है। अब देखने वाली बात ये है, कि इस क्षेत्र को कब और कैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मिलता है। महली क्षेत्र के 39 गांव 45 हजार की आबादी को इंतजार रहेगी।