रायपुर - न्यू राजेंद्रनगर स्थित महावीरस्वामी जिनालय में परमपूज्य साध्वी स्नेहयशाश्रीजी के पावन निश्रा में 30 अक्टूबर से 9 दिवसीय शत्रुंजय महातीर्थ का 108 अभिषेक किया जा रहा है। आध्यात्मिक चातुर्मास समिति के अध्यक्ष विवेक डागा ने बताया कि जिनालय में प्रतिदिन सुबह 8 से 9 बजे तक अभिषेक और पूजन-अनुष्ठान किए जा रहे हैं। सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारे और पुण्य का उपार्जन करें। जिनालय में चल चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने सोमवार को कहा कि जो खुद का दर्शन करवाएं वही ज्ञान है, जबकि आज हम प्रदर्शन कर रहे हैं। ज्ञान उतना ही प्राप्त करो जितना कि पच सके। बादाम को पीसने के बाद उबालकर उसका हलवा बनाकर खाने के बाद भी लोग उसे नहीं पचा पाते हैं। जबकि कुछ लोग 20-25 सूखे बादाम खाकर भी पचा लेते हैं। जब ज्ञान प्राप्त करके आपको अभिमान आ जाए, बड़ों पर अविश्वास होने लगे या बड़ों के कार्यप्रणाली पर आपको शंका होने लग जाए तो यह समझ जाना कि आपका ज्ञान श्रेष्ठ नहीं है। उन्होंने कहा कि दीया तले अंधेरा आपने सुना ही है। आप यह भी जानते है कि दीया पूरी दुनिया को प्रकाशित करता है पर उसके नीचे अंधेरा रहता ही है। वह कभी खुद को प्रकाशित नहीं कर सकता है। दीया तले अंधेरा वाला ज्ञान सबके पास है। कोई आपके पास आकर अपना दुखड़ा रोए, तो उसके दुख-दर्द मिटाने से आप कई उपाय उनको बताते हैं। जो व्यक्ति कभी स्कूल भी नहीं गया उसके पास भी दीया तले अंधेरा वाला ज्ञान होता ही है। पर आप यह सोचिए कि जब आप दूसरों को समझा सकते हो और दूसरों को नहीं तो आपका ज्ञान दीया तले अंधेरा वाला जैसा है।