रायपुर - जैन संवेदना ट्रस्ट द्वारा मुमुक्षु मुस्कान बाघमार का दीक्षा पूर्व बहुमान किया गया, आगामी 28 नवम्बर को मुस्कान सांसारिक जीवन को त्याग भगवती जैन दीक्षा अंगीकार करने जा रही है। महेन्द्र कोचर, विजय चोपड़ा व सुनील चोपड़ा ने ट्रस्ट की ओर से मुमुक्षु का बहुमान किया।
इस अवसर पर मुमुक्षु मुस्कान बाघमार ने कहा कि सभी कहते हैं, संयम की राह बहुत कठिन है, लेकिन मेरा मानना है कि यह सोच की बात है ठान लो और मन से मान लो तो संयम का मार्ग बहुत ही आसान है। मुस्कान ने अपने माता पिता व परिजनों का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने दीक्षा ग्रहण करने हेतु स्वीकृति प्रदान की । पारस चोपड़ा ने राष्ट्रसंत चन्द्रप्रभ श्री जी मसा के गीत की पंक्तियां "साधना के रास्ते , आत्मा के वास्ते, चल ओ राही चल" गुनगुनाकर मानव जन्म का लक्ष्य समझा दिया। हेमेन्द्र अर्चना चोपड़ा परिवार द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में मंगलाचरण नीरज बैद ने किया। डॉ कमल कुमार बेगानी ने भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया। मधु चोपड़ा, कनिष्का कांकरिया, इशानवी मोक्षा गोलेच्छा, ईशा चोपड़ा आदि ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। मुमुक्षु की वीरमाता अलकाजी व वीरपिता संतोष बाघमार का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर श्री उव्वसग्गहरम पार्श्व तीर्थ नगपुरा के ट्रस्टी विजय चोपड़ा, जगन्नाथ सेवा समिति ने भी मुमुक्षु का अभिनंदन कर उज्ज्वल संयम जीवन हेतु शुभकामनाएं दी।