रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर के महावीर स्वामी जिनालय में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान शनिवार को साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने कहा कि आप हर दिन मंदिर जाते हो पर फिर भी आपको गुरु भगवंतों की जयंती याद न...
रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर के महावीर स्वामी जिनालय में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान शनिवार को साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने कहा कि आप हर दिन मंदिर जाते हो पर फिर भी आपको गुरु भगवंतों की जयंती याद न...
रायपुर। नवपद की आराधना जन्म-जरा-मृत्यु के महाभयंकर रोग को मिटाकर अक्षय सुख प्रदान करती है और आराधना से ही बाह्य-अभ्यंतर सुख की प्राप्ति होती है। नवपद की आराधना करके भूतकाल में असंख्य आत्माएं मोक्ष ...
रायपुर 29 सितंबर। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ जी महाराज ने कहा कि प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए व्यवहार में विनम्रता अपनाइए और बोली में मधुरता। विनम्रता दूध का काम करेगी तो मधुरता शरबत का। उन्होंने कह...
रायपुर - बचपन से ही बच्चों को ऐसी जगह भेजो जैसा आप उन्हें बनाना चाहते हो। बच्चों का मन कच्चा होता है उन्हें आप जिस आकार में ढालना चाहो वे ढल जाएंगे। बच्चे को अपने पास बुला कर उसे कहोगे कि यह चॉकलेट...
रायपुर 28 सितंबर। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभ जी महाराज ने कहा कि अगर हमारा फैसला है, कि मैं हर हाल में खुश रहूँगा तो दुनिया की कोई ताकत हमें नाखुश नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि आनंद हमारा स्वभाव है,...
रायपुर - एक बच्चा मैदान में खेल रहा था। वहां से बिहार करते हुए गुरु भगवान जा रहे थे। उन्होंने बच्चे को देखा और उसके साथ खेलना शुरू कर दिया। बच्चा उन्हें पहचान नहीं पाया और वह भी उनके साथ खेलने लगा।...
रायपुर 27 सितंबर - राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभजी महाराज ने कहा कि जीवन ऐसे जियो कि जहां रहो सब आपको प्यार करें, जहां से आप जाओ पीछे सब आपको याद करें और आप जहां जा रहे हो वहां पर सब आपका इंतजार करें। ...
रायपुर - साधु और साधक दोनों निर्ग्रन्थ होते हैं। जिस जगह पर रहकर साधना करते हैं उस जगह को साधक कहते हैं। एक बार की बात है दो औरत समान भार लेकर चल रही थी। दोनों के हाथ में दो बैग थे। दोनों औरतों की ...
रायपुर 26 सितंबर। राष्ट्र-संत श्री ललितप्रभजी महाराज ने कहा कि जीवन बांसुरी की तरह है, जिसमें बाधाओं रूपी कितने भी छेद क्यों ना हों, लेकिन जिसको उसे बजाना आ गया, समझ लीजिए उसी जीना आ गया। उन्होंने ...