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तेरापंथ अमोलक भवन, रायपुर में लोगस कार्यशाला का आयोजन हुआ।

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रायपुर - आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या समणी निर्देशिका डॉ. ज्योति प्रज्ञा जी, समणी डॉ. मानस प्रज्ञा जी के सान्निध्य में तेरापंथ अमोलक भवन, रायपुर में लोगस कार्यशाला का आयोजन दिनांक 16/07/2023, रविवार को किया गया। जिसमें समाजजनों की गरिमामय उपस्थिति रही।   समणी निर्देशिका डॉ. ज्योति प्रज्ञा जी ने उपस्थित धर्मसभा को उद्बबोधित करते हुए पीपीटी के माध्यम से प्रदर्शित करते हुए कहा कि लोगस शाश्वत/अशाश्वत दोनों ही है। इसके हर पद्म का अपना महत्व है। इसके सात ही पद्म है कारण संभवतया सात रंग, सात दिन, शरीर सात धातु आदि हो सकते हैं। धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए समणी जी ने बताया दूज का चांद पश्चिम व पूर्णिमा का चांद पूर्व दिशा में ही उगता है।अंत में समणी जी ने लोगस को मंत्र के रूप में अध्ययन एकाग्र होकर करने के साथ ही प्रत्येक दिशा में लोगस का उच्चारण करवाते हुए अनुष्ठान करवाया।

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