कुम्हारी, 15 अगस्त 2026 - विचक्षण जैन विद्यापीठ, कुम्हारी में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग एवं देशभक्ति की भावना के साथ गरिमामय वातावरण में मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि कैप्टन (आईएन) अरिजीत दास (सेवानिवृत्त), भारतीय नौसेना रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रज्ञायतन सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विविध प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विचक्षण जैन विद्यापीठ के अध्यक्ष श्री राजेश गिड़िया, पूर्व अध्यक्ष श्री राजेश सावनसुखा, श्री ऋषभ कोटड़िया, श्री स्वप्नील जैन एवं प्राचार्य श्री ए. पी. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्राचार्य श्री ए. पी. सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, एकता एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य अतिथि ने बताया तिरंगे का गौरवशाली इतिहास
समारोह का विशेष आकर्षण मुख्य अतिथि कैप्टन (आईएन) अरिजीत दास का भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के इतिहास एवं महत्व पर प्रेरणादायी संबोधन रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान तिरंगा स्वतंत्रता आंदोलन के लंबे इतिहास और अनेक प्रयासों की गौरवपूर्ण यात्रा का परिणाम है। उन्होंने बताया कि 1906 में कलकत्ता में राष्ट्रीय ध्वज का एक प्रारंभिक स्वरूप प्रदर्शित हुआ। 1921 में पिंगली वेंकैया द्वारा ध्वज का एक महत्वपूर्ण प्रारूप प्रस्तुत किया गया। 1931 में तिरंगे के एक स्वरूप को व्यापक स्वीकृति मिली और स्वतंत्र भारत के लिए 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने वर्तमान राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार किया।
कैप्टन अरिजीत दास ने विद्यार्थियों को समझाया कि तिरंगे का केसरिया रंग त्याग और साहस, श्वेत रंग शांति एवं सत्य तथा हरा रंग समृद्धि एवं विकास का संदेश देता है। मध्य में स्थित अशोक चक्र धर्म, गति एवं निरंतर प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। उनके संबोधन से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति की भावना और प्रबल हुई।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत ‘यह देश है हमारा’, हिंदी कविता-पाठ, ‘जयतु भारतम्’ देशभक्ति नृत्य एवं ड्रम प्रस्तुति सहित अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के महत्व, अनुशासन एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के समापन पर विद्यालय परिवार ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
समाचार प्रदाता : श्री ए. पी. सिंह
प्राचार्य, विचक्षण जैन विद्यापीठ, कुम्हारी