रायपुर - भारतवर्ष में मंत्र की शक्ति के हुए सर्वे में यह प्रमाणित हुआ है कि नवकार मंत्र जाप दिव्य ध्वनि में सर्व शक्तिशाली मंत्र है । इसकी दिव्य ध्वनि तीन लाख चालीस हजार है। इसके साथ ही गायत्री मंत्र को भी शक्तिशाली माना गया है। जैन अजैन सबके लिए यह शक्तिशाली है और कई घटनाओं में प्रमाणित भी हुआ है। उक्त उदगार बाल ब्रह्मचारी आगम ज्ञाता, परम पूज्य श्री सुधा बाई जी महासती ने श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन गुजराती श्री संघ के संरक्षक मंडल अध्यक्ष नेमचंद बटाविया के आवास पर आयोजित व्याख्यान सभा में व्यक्त किये। गोंडल संप्रदाय के सरल स्वभावी पूज्य श्री चेतन मुनि जी महाराज, मधुर भाषी, सरल स्वभावी, बाल ब्रह्मचारी पूज्य श्री प्रिया दर्शना जी महासतीजी, आगम ज्ञाता परम पूज्य श्री सुधा बाई महासतीजी, बाल ब्रह्मचारी पूज्य श्रीभव्यांशी बाई महासतीजी का आज रायपुर में चातुर्मास प्रवेश हुआ। चतुर्विद श्री संघ का चातुर्मास श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन गुजराती संघ के उपाश्रय श्री देसाई भवन देवेंद्र नगर रायपुर में आयोजित है।
परम पूज्य महासती जी ने अपने उद्बोधन में कहा की नवकार मंत्र की शक्ति विश्व प्रसिद्ध बरमुंडा ट्रायंगल में भी साबित हुई है, जहां कहा जाता है कि कोई भी वस्तु या व्यक्ति वहां गायब हो जाती है, लेकिन एक पायलट ने नवकार मंत्र का जाप कर इसे बड़ी आसानी से पार कर लिया था। चतुर्विद श्री संघ ने चातुर्मास के दौरान 120 घंटे का लगातार नवकार मंत्र जाप, आयंबिल, मौन, उपवास, एकासना का संकल्प दिलाते हुए धर्म ध्यान से आत्म जागृति की प्रेरणा दी।
20 जुलाई से प्रारंभ हो रहे चातुर्मास के लिए श्रावक श्राविकाओं ने अनुमोदना करते हुए संकल्प के प्रति आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर श्री संघ अध्यक्ष दीपक भाई दोशी, सचिव भावेश मेहता, मनीष पारेख, अश्विन बटाविया, अश्विन भाई दोशी, महेश भाई खिलोसिया, पारेख सर, सुरभि संघवी, शर्मिला मेहता, मुकेश ढोलकिया, मेघा मोदी, जस्मिन बटाविया, अमि बटाविया सहित श्री संघ के गणमान्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर ध्वनि बटाविया ने अपनी मधुर आवाज में सत्पुरुष को रटते रटते जीव पाये आतम ज्ञान रे गीत भी प्रस्तुत किया।