BREAKING

धर्म नगरी रायपुर में श्री हीरसूरी आराधना भवन, भैरव सोसायटी में धार्मिक प्रवचन संपन्न।

Share:

साध्वी सिद्धांतज्योति श्रीजी म.सा. : "राखी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक, नवकार मंत्र से करें आत्मकल्याण"

रायपुर - धर्म नगरी रायपुर की पुण्य धरा पर स्थित श्री हीरसूरी आराधना भवन, में आज परम पूज्य तपस्वी रत्ना, प्रखर प्रवचनकारिका, सरल हृदया साध्वीवर्या श्री सिद्धांतज्योति श्री जी म.सा. आदि ठाणा के पावन सानिध्य में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में साध्वीश्री ने कहा कि राखी का त्योहार भाई-बहन के प्यार का अटूट रिश्ता है। उन्होंने कहा कि धर्म सिर्फ गुरुओं के लिए नहीं, सभी के लिए होता है। इसे अपने दैनिक जीवन में उतारकर ही हम सच्चे अर्थों में धार्मिक बन सकते हैं।


साध्वीश्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवकार मंत्र सभी की रक्षा करता है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन एक माला नवकार मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।  

उन्होंने आह्वान किया कि आप सभी को प्रभु की आराधना और साधना करनी चाहिए और पुण्य कमाना चाहिए। इससे जीवन सार्थक होता है और आत्मा को शांति मिलती है।

प्रवचन में प्रथम तीर्थंकर के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उन्होंने अपने पुत्र को पितृ दोष न लगे, इसलिए स्वयं ही शांत हो गए, क्योंकि उनके पुत्र ने उन्हें जेल में रखा था। यह प्रसंग त्याग, करुणा और कर्तव्य की सर्वोच्च मिसाल है।

कार्यक्रम के अंत में जानकारी दी गई कि रविवार को श्री सीमंधर स्वामी जी की भाव यात्रा का आयोजन श्री हीरसूरी आराधना भवन में किया जाएगा। सभी श्रद्धालुओं से इसमें सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील की गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने साध्वीश्री के संदेशों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। यह जानकारी चातुर्मास समिति के अध्यक्ष कमल लोढ़ा व ललित सेठिया ने दी

Share:

Popular News