रायपुर - श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर एवं लालगंगा पटवा भवन टैगोर नगर में आज त्रिदिवसीय 'भगवान पार्श्वनाथ स्वामी मोक्ष कल्याणक एवं मुकुट सप्तमी महामहोत्सव' तथा मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज एवं मुनि श्री पुनीत सागर जी महाराज के 23वें दीक्षा दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
समयोपदेश वर्षायोग 2026 के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जैन गुरुकृपा एवं कार्यकारी अध्यक्ष श्री संजय जैन नायक ने जानकारी दी कि कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7 बजे समिति के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत विशेष संगीतमय आचार्य श्री का पूजन संपन्न हुआ और मुनि श्री के दीक्षा जीवन के संस्मरणों व वृत्तांत को साझा किया गया।
मुख्य आकर्षण एवं धार्मिक अनुष्ठान में आज पाद प्रक्षालन का सौभाग्य: श्री विनोद-संजना बड़जात्या परिवार को प्राप्त हुआ। शास्त्र भेंट का सौभाग्य: श्री भरत, हर्षवर्धन, प्रिंस जैन एवं मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के परिवारजनों को प्राप्त हुआ। मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के परिवार जन भी महा महोत्सव में उपस्थित थे।
मुनि श्री आगम सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन:
अपने दीक्षा दिवस के संस्मरण साझा करते हुए मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ने अपनी मंगल देशना में कहा कि दीक्षा का वास्तविक महत्व और इसे समझने की आवश्यकता है। जैन मुनिराज संसार की मोह-माया को त्यागने के लिए ही वस्त्रों का त्याग करते हैं। उन्होंने मुनि श्री पुनीत सागर जी महाराज का स्मरण करते हुए बताया कि वे इंजीनियरिंग में गोल्ड मेडलिस्ट होने के बावजूद संसार को त्यागकर मुनि बने।
मुनि श्री आगम सागर जी ने आगे कहा गुरु की बताई राह पर, गुरु के पैर से चलना ही सच्ची शिष्या है। आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज स्वयं के कल्याण के साथ पर-कल्याण में विश्वास रखते थे। संसार के दुखों से छुटकारा पाना है, तो कुंदकुंद आचार्य के बताए अनुसार सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र रूपी 'रत्नात्रय' को धारण करें।"
मुनि श्री ने अपने दीक्षा के 23 वर्षों के संघर्ष और संस्मरणों को याद करते हुए बताया कि कैसे आचार्य श्री के सानिध्य में कई वर्षों की कड़ी प्रतीक्षा के बाद उन्हें दीक्षा का सौभाग्य प्राप्त हुआ और उन्होंने महावीर के मार्ग को अंगीकार किया।
महामहोत्सव का संदेश:
आयोजन के दौरान यह विशेष संदेश दिया गया कि सम्यक दृष्टि और सच्ची श्रद्धा के 8 अंगों में 'प्रभावना अंग' का पालन करते हुए सभी को भगवान पार्श्वनाथ के जीवन चरित्र पर आधारित फिल्म देखने और इस महामहोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया गया, ताकि जैन धर्म की प्रभावना दुनिया भर में प्रसारित हो सके।
जारीकर्ता: प्रणीत जैन (मीडिया प्रभारी)
समयोपदेश वर्षायोग 2026 समिति
श्री दिगम्बर जैन आदीश्वरधाम नवोदय तीर्थ, रायपुर (छ.ग.)
17 Aug 2026