भखारा - "मैं चाहता हूं कि सभी को व्यवसाय आधारित, रोजगारपरक, गुणवत्ता पूर्ण एवं सस्ती शिक्षा मिले। मेरी इच्छा है कि यहां का जीईआर 50 फीसदी हो। कक्षा 8 वीं से 12 वीं और बारहवीं से कालेज तक जो गेप है, वह शतप्रतिशत हो।" उक्त बातें पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक कुरूद अजय चंद्राकर ने कॉलेज विद्यार्थियों एवं गणमान्यजनों को संबोधित करते हुए महर्षि वेदव्यास शास महा भखारा में की।नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शासकीय संत गुरु घासीदास महाविद्यालय कुरुद एवं महर्षि वेदव्यास महाविद्यालय भखारा में दीक्षारंभ समारोह आयोजित किया गया।
इससे पूर्व उन्होंने कॉलेज परिसर में "एक पेड़ मां के नाम" से पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री चंद्राकर ने कहा कि स्कूल से निकल कॉलेज आने के रोमांच को अपने मन से निकाल दीजिए। उसकी जगह अपने लक्ष्य को रखिए। जीवन में सफल होना है तो अपने टारगेट पर फोकस करना होगा। समाज में क्रांति लाने के लिए एकमात्र औजार है शिक्षा। इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
जनभागीदारी समिति के नव नियुक्त अध्यक्ष ने हरख जैन ने उच्च शिक्षा एवं अन्य आधरभूत विकास कार्यों को सदन में रखा।उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से आमूल चूल परिवर्तन विद्यार्थी जीवन में आएगा।महाविद्यालय परिवार की ओर से डॉ संजय शर्मा भखारा नै शिक्षा नीति पर अवधारणा प्रस्तुत किया। तत्पश्चात स्नातक प्रथम सेमेस्टर के बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती पूजन से हुआ, अतिथियों का स्वागत हुआ, अन्य अतिथिगण सिंधु बैस, भूपेन्द्र चंद्राकर, रामगोपाल देवांगन, राम स्वरूप साहू, छत्रपाल बैस, फनेंद सिन्हा, हरीश साहू, रमेश निषाद, राजू सेन, राम कृष्ण नेताम, पुरषोत्तम सिन्हा आदि उपस्थित थे।
संचालन डा भुवाल सिंह ठाकुर ने किया।आभार लेख राम डोंगरे ने किया।