रायपुर - शहर में विहार करते घोर तपस्वी महात्मा प.पु. श्री शीतलराज जी मसा ने श्री जिनकुशल दादाबाडी़ विराजित तप चक्रवर्ती प.पु. श्री विरागमुनिजी म.सा. से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पुछते हुऐ दोनों तपस्वी महात्माओं का महान् तपस्वी संतो का आध्यात्मिक मिलन हुआ।
श्री जिनशासन की जयश्री, धर्मनाथ भगवान की जय, श्री दादागुरू की जय, साधु साध्वी वृन्दो की जय के नारो से दादाबाडी़ प्रागण गुँजायेमान हो गया।
चतुर्विद संघ की जय उपाश्रय में श्री विरागमुनिजी म.सा. आदि ठाणा एवं श्री साध्वीजी ने गुरूदेव श्री शीतलराज जी को वंदन कर सुखसाता पुछकर प्रशन्नचित मुद्रा में श्री शीतलराज जी म.सा. से धर्मचर्चा कर विदाई दी, बडी़ ही मुश्किल से मिलते है यह पैदल चलने वाले संत,,जय हो ऐसे महान् विरले संतो की सदा ही जय हो विजय हो।