बिलासपुर - क्रांतिनगर जैन मंदिर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच तीन दिवसीय रक्षाबंधन विधान का शुभारंभ माताजी के मंगल आशीर्वाद से दिनांक 26 अगस्त से 28 अगस्त तक (तीन दिवसीय) रक्षा बंधन विधान 1008 श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर क्रांति नगर में सम्पन्न हो रहा । बुधवार को कार्यक्रम इस मग़लाष्टक प्रारंभ 6:45 से अभिषेक, शांतिधारा माताजी के मुखारबिंद से घटयात्रा ध्वजारोहण, पूजा विधान हुवा। महिलाएं हथकरघा की साड़ी में आई। सानिध्य प्राप्त प्रतिष्ठाचार्य दीपक भैया (टेहरका वाले ) का संगीतमय वातावरण में सम्पन्न हुवा।
दिनांक 28 अगस्त को दोपहर 2.00 बजे से द्वय माताजी का 30 वाँ “दीक्षा दिवस” रक्षा बंधन के दिन मनाया जाएगा ।शाम के (अंथाउ) वात्सल्य भोजन की व्यवस्था रहेगी। कलश स्थापना के साथ हुआ।
विधान के प्रथम दिवस जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में सहभागिता निभाई, धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विधि-विधानपूर्वक पूजन संपन्न कर श्रीफल अर्पित किए गए, मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रक्षाबंधन विधान के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना करते हुए धर्म, संयम, अहिंसा एवं आत्मशुद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया, सुबह से ही जैन मंदिर में समाज के श्रद्धालुओं का पहुंचना प्रारंभ हो गया था, कलश स्थापना के पश्चात विधि-विधान के साथ विधान की धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराई गईं। बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं युवा श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में शामिल होकर पुण्यार्जन किया।
प्रथम दिवस के धार्मिक अनुष्ठान में श्रीफल अर्पित किए जाने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का ऐसा वातावरण निर्मित हुआ कि पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजन कर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
तीन दिवसीय रक्षाबंधन विधान का आयोजन किया गया है। आज विधान में बड़ी संख्या में श्रीफल पूजा अर्चना के साथ समर्पित किए गए। 28 अगस्त को हवन के साथ तीन दिवसीय रक्षाबंधन विधान का समापन होगा। समाज के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठजनों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर विधान में सहभागी बनने तथा इस आध्यात्मिक अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
रक्षाबंधन विधान के शुभारंभ से जैन समाज में उत्साह एवं धार्मिक उल्लास का वातावरण है। आने वाले दिनों में भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहने की संभावना है।