March 03, 2026


डोंगरगढ में राज्य स्तरीय जुजीत्सु रेफरी, जज एवं कोच प्रशिक्षण उत्साह, अनुशासन और गौरव के साथ सम्पन्न।

प्रथम दिवस जिला अध्यक्ष विवेक मोनू भंडारी की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह।

डोंगरगढ़ - डोंगरगढ की पावन धरती एक बार फिर खेल ऊर्जा, अनुशासन और समर्पण की भावना से ओत-प्रोत नजर आई, जब राज्य स्तरीय जुजीत्सु रेफरी, जज एवं कोच प्रशिक्षण तथा परीक्षा का सफल आयोजन अत्यंत भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हुआ। यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि प्रदेश में जुजीत्सु खेल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का एक सशक्त संकल्प था।

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प्रदेश के विभिन्न जिलों—राजनांदगांव, कबीरधाम, बेमेतरा, बालोद, दुर्ग, रायपुर, कांकेर, बस्तर, महेंद्रगढ़, चिरमिरी, बलरामपुर, बिलासपुर एवं रायगढ़ से आए 25 समर्पित रेफरियों ने इस प्रशिक्षण में भाग लेकर अपनी प्रतिबद्धता और खेल भावना का परिचय दिया। सभी प्रतिभागी एक ही लक्ष्य के साथ उपस्थित हुए खेल के नियमों में पारंगत होकर निष्पक्ष, सशक्त और आदर्श निर्णायक बनना।

प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से प्रारंभ होकर पूरे दिन गहन सत्रों में संचालित हुआ। प्रतिभागियों को जुजीत्सु के अद्यतन नियमों, अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मैच संचालन, स्कोरिंग प्रणाली की सूक्ष्म बारीकियों, फाउल एवं पेनल्टी के स्पष्ट प्रावधानों, खिलाड़ियों की सुरक्षा के मानकों, समय प्रबंधन की तकनीकों तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं निष्पक्ष निर्णय लेने की कला का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहते हुए, वास्तविक मैच परिस्थितियों का निर्माण कर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इससे प्रतिभागियों में निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल का उल्लेखनीय विकास हुआ। प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षकों ने प्रत्येक शंका का समाधान किया और नियमों की सूक्ष्मताओं पर विशेष बल दिया, जिससे प्रशिक्षण अत्यंत प्रभावी और परिणामकारी सिद्ध हुआ।

प्रथम दिवस जिला जूजित्सू संघ के अध्यक्ष श्री विवेक मोनू भंडारी की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा प्रदान की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रदेश संघ की आधिकारिक रेफरी किट एवं ड्रेस वितरित करते हुए कहा कि “रेफरी केवल निर्णायक नहीं, बल्कि खेल की गरिमा और निष्पक्षता के संरक्षक होते हैं। उनका एक निर्णय खिलाड़ियों के भविष्य को दिशा देता है। इसलिए सजगता, निष्पक्षता और निरंतर अभ्यास ही उनकी वास्तविक पहचान है।” उनके प्रेरक शब्दों ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों में नई उमंग और आत्मविश्वास का संचार किया।

द्वितीय दिवस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक राणा अजय सिंह द्वारा प्रैक्टिकल एवं लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता, नियमों की समझ एवं निर्णय क्षमता का गंभीरता से मूल्यांकन किया गया। ‘नेवाजा इवेंट’ के लिए श्री सुरेश प्रसाद शांडिल्य एवं श्री असजद रजा तथा ‘फाइटिंग सिस्टम’ के लिए श्री तेजस राहुल, श्री दुर्गेश मोठघरे एवं श्री शिवदयाल पाटिल मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे थे। सहयोगी के रूप में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सुश्री राणा वसुंधरा सिंह एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी अनुज दमानी की उपस्थिति ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावशाली बनाया।

राजनांदगांव जिला जूजित्सू संघ द्वारा सभी प्रतिभागियों के आवास, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं की उत्कृष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे प्रशिक्षण का वातावरण पूर्णतः अनुशासित, सकारात्मक और प्रेरणादायक बना रहा।

समापन अवसर पर सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह आयोजन न केवल तकनीकी उन्नयन का मंच बना, बल्कि प्रदेश में जुजीत्सु खेल के विकास, संगठन की सक्रियता और खेल भावना के सशक्त प्रसार का प्रतीक भी बना।

निस्संदेह, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश के रेफरियों को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कदम सिद्ध होगा जहाँ अनुशासन, समर्पण और निष्पक्षता के साथ जुजीत्सु खेल नई ऊँचाइयों को स्पर्श करेगा। 

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