May 01, 2026


असंभव को संभव बनाने वाले सरल, सहज, मृदभाषी बृजमोहन भैया, भारत में छत्तीसगढ़ की पहचान... अजय मधुकर काले

असंभव को संभव बनाने वाले सरल, सहज, मृदभाषी बृजमोहन भैया, भारत में छत्तीसगढ़ की पहचान... अजय मधुकर काले

Advertisement

भैया आपको जन्मदिन की असंख्य बधाई। त्याग, तपस्या, धैर्य, व्यवहार कुशलता की प्रतिमूर्ति अर्थात बृजमोहन भैया, जिन्हें हम सब मोहन भैया के आत्मीय नाम से अधिक जानते हैं। मोहन भैया पिछले 40 वर्षों में कभी कोई चुनाव हारे नहीं। इस तरह आज भी अजेय है चुनावी राजनीति का यह धुरंधर।

यही कारण है कि अजेय मोहन भैया को पार्टी ने भी लगभग हर उपचुनाव में प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी और उन्होंने भी अपनी राजनीतिक व प्रबंधकीय दक्षता से अपने सहयोगी प्रत्याशी को जीत दिलाकर पार्टी को कभी निराश नहीं किया। साथ ही अपने अजेय व्यक्तित्व को और भी चमकदार बनायाl

 व्यवहार कुशल, मिलनसार और दुश्मनों के भी हर कार्य को कर देने वाले मोहन भैया की सकारात्मक राजनीति को विरोधी दल के नेता भी आदरसूचक शब्दों से ही संबोधित करते हैं। बात सिर्फ चुनावी राजनीति की ही नहीं बल्कि पार्टी के किसी भी स्तर के आयोजन, अभियान की क्यों न हो, मोहन भैया के कंधों पर जिम्मेदारी आती है तो वह आयोजन, अभियान निर्बाध, निर्विवाद और बेहद व्यवस्थित व अनुशासित ढंग से संपन्न होता ही हैl

मोहन भैया राजनीति के स्तर पर जितने सक्रिय हैं, उतने ही व्यक्तिगत जीवन में भी उनकी सहजता, सर्वोपलब्धता, कृतज्ञता बरकरार रहती है। पार्टी के छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर अनेकानेक समाजों के हजारों पदाधिकारियों, समाजसेवियों, प्रोफेशनल्स से उनके बेहद पारिवारिक और करीबी संबंध हैं। जिनके हर सुख- दुख में उनकी जीवंत सहभागिता उन्हें और भी लोकप्रिय और स्वीकार्य  जनप्रतिनिधि बनाती हैl

बड़े-बड़े गैर राजनीतिज्ञ विश्लैषक व शिक्षाविद भी यह मानते हैं कि आज यदि छत्तीसगढ़ में पर्यटन संस्कृति, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में जो प्रगति हुई है, उसमें मोहन भैया के योगदान को आज भी याद किया जाता हैl

बृजमोहन अग्रवाल जी जब विधायक से सांसद बने, तो लोगों ने कहा कि उनका डिमोशन हो गया। छत्तीसगढ़ से कट गए मोहन भैया, लेकिन चंद महीनों और संसद के कुछ सत्रों में उनके परफार्मेंस को देखकर सभी जान गए कि मोहन भैया अब पूरे राष्ट्र में छत्तीसगढ़ की शान और पहचान हैंl जब संसद में मोहन भैया का सुनने मिला, तो लगा कि रायपुर के प्रत्येक क्षेत्र आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, हवाई, ट्रांसपोर्ट समेत कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं बचा कि केंद्र से सहायता के लिए अब कोई कठिनाई होगी। अब भारत में रायपुर को नई पहचान मिल गई है ब्रजमोहन भैया ने पहली बार संसदीय चुनाव लड़ा। उसमें भी जीत ऐसी मिली कि देश में सर्वाधिक वोटों से जीतने वालों 10 सांसदों की सूची में उनके नाम का सगर्व उल्लेख हैl

बड़े भाई के रूप में, मार्गदर्शक के रूप में व जनप्रतिनिधि के रूप में हम सभी आपका सहयोग, सानिध्य और आशीर्वाद पाकर गौरवान्वित हैं। साथ ही हमें यह भी विश्वास है कि भविष्य में हम पर आपका स्नेह इसी तरह बना रहेगा। आपको फिर जन्मदिन की असंख्य बधाई.....

अजय मधुकर काले - अध्यक्ष महाराष्ट्र मंडल, रायपुर

Advertisement

Tranding News

Get In Touch