May 20, 2026


ब्यावर के इतिहास में एक ही दिन में 52 बकरों को बचाने का बना रिकॉर्ड।

ईद से पहले बूचड़खाने से 52 बकरों को बचाया गया।

ब्यावर - आप सभी को ये जानकर खुशी होगी की ब्यावर जैन समाज के लोग भगवान महावीर के अहिंसावादी विचारों एवं जीव दया के कारण बकरों को प्रतिवर्ष अभय दान देते रहते हैं यानी बकरों को बचा करके एवं बकरों के कानों में कुड़की पहना करके उन्हें अमरा बकरा बना करके बकरा शाला में छोड़ते रहते हैं ताकि वहां इनको भोजन - पानी मिल सके ओर वें वहां अपने अंतिम समय तक सुरक्षित भी रह सकें।

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इसी कड़ी में बकरा ईद आने से पहले 20 मई 2026 को ब्यावर के एस्ट्रोलॉजर एवं हस्तरेखा विशेषज्ञ एवं जीव दया प्रेमी दिलीप नाहटा एवं प्रवीण बडोला (जीव दया प्रेमी) की टीम ने एक साथ मिल करके बूचड़खाने से (51+ 01) कुल 52 बकरों को सुरक्षित बचा करके कुचेरा बकरा शाला में जाकर सुरक्षित छोड़कर आए हैं, इसके लिए ब्यावर के एस्ट्रोलॉजर दिलीप नाहटा ने बकरों को बचाने में पूर्णतया सहयोग करने वाले जीव दया प्रेमी प्रवीण बडोला एवं उनकी पूरी टीम को एवं समता युवा संघ को एवं जीव दया प्रेमी मनीष मूथा, मतिकान्त अग्रवाल, सुरेश कुमावत आदि पूरी टीम को साधुवाद देते हुए बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया है।

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