रायपुर - राजधानी के व्यस्ततम एम.जी. रोड स्थित जैन धर्म के सुप्रसिद्ध और आस्था के प्रमुख केंद्र "श्री जिन कुशल जैन दादा बाड़ी" मंदिर के सामने लगातार बढ़ रहे अवैध चौपाटी के विस्तार और वहां खुलेआम मांसाहार की बिक्री को लेकर स्थानीय नागरिक जैन समाज के सदस्य प्रणीत जैन एवं समाजजनों में भारी आक्रोश है। इस गंभीर विषय को लेकर सजग नागरिक के रूप में प्रणीत जैन के द्वारा 22 मई कल दोपहर 12 बजे ने राज्य सरकार के 'सुशासन तिहार 2026' अभियान के तहत नगर निगम रायपुर में एक औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

दर्ज शिकायत (आवेदन क्रमांक: 262701629000018) के अनुसार, इंदिरा गांधी वार्ड (वार्ड क्रमांक 27) के अंतर्गत आने वाले इस पवित्र मंदिर परिसर के ठीक सामने कुछ ठेले वालों द्वारा अवैध रूप से मांसाहारी खाद्य पदार्थों का विक्रय किया जा रहा है। इसके साथ ही, इन दुकानदारों और ग्राहकों द्वारा सड़क पर ही जूठन, इस्तेमाल की गई प्लेटें और बचा हुआ कचरा खुले में फेंक दिया जाता है। इस गंदगी और अनियंत्रित अतिक्रमण के कारण मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, जिससे संपूर्ण जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
सुशासन तिहार के माध्यम से नगर निगम प्रशासन, जोन कार्यालय और राज्य सरकार से मांग की गई है कि चौपाटी के इस अवैध विस्तार पर तुरंत अंकुश लगाया जाए। इसके साथ ही चौपाटी की सीमा को कड़ाई से निर्धारित किया जाए ताकि मुख्य मार्ग और धार्मिक स्थल प्रभावित न हों। प्रणीत जैन के द्वारा विशेष रूप से मांग की है कि पवित्र तीर्थ स्थल की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए मंदिर के ठीक सामने मांसाहार की बिक्री को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
सकल जैन समाज रायपुर ने भी इस कदम का पुरजोर समर्थन किया है और नगर निगम प्रशासन तथा स्थानीय ज़ोन कमिश्नर से अपील की है कि वे जनभावनाओं और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस स्थल का औचक निरीक्षण करें और त्वरित कार्रवाई कर इस समस्या का स्थाई समाधान निकालें।
प्रणीत जैन - सजग नागरिक एवं शिकायतकर्ता, रायपुर