रायपुर : - एम.जी. रोड स्थित दादावाड़ी परिसर में 'विचक्षण जैन विद्यापीठ' राजेंद्र नगर रायपुर द्वारा दादा-दादी/नाना-नानी दिवस (ग्रैंडपेरेंट्स डे) का आयोजन अत्यंत उत्साह, उमंग और गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पधारे बुजुर्गों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश गिड़िया जी ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने उपस्थित जनों को विचक्षण जैन विद्यापीठ के 'विज़न और मिशन' से अवगत कराया तथा इस बात पर विशेष जोर दिया कि बच्चों में उत्तम संस्कारों के सिंचन के लिए माता-पिता को सतत रूप से प्रयासरत रहने की आवश्यकता है।
वहीं संस्था के महामंत्री श्री विजय मालू जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यापीठ सिर्फ किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उच्च पारिवारिक संस्कार देना है।
उन्होंने बुजुर्गों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा— "जहां माता-पिता अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें पंख देकर ऊंची उड़ान भरने में मदद करते हैं, वहीं दादा-दादी बच्चों को सहिष्णुता, दया, अहिंसा, तप और जप जैसे मूल्यों से अवगत कराकर उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। जिस प्रकार जिस पेड़ की जड़ें मजबूत होती हैं, बड़े से बड़े तूफान भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाते; ठीक वैसे ही जब बच्चों के संस्कार मजबूत हो जाते हैं, तो वे जीवन में आने वाले हर उतार-चढ़ाव का सामना करने में सक्षम हो जाते हैं।"
समारोह में विद्यार्थियों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी के प्रति प्रेम व कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विशेष नृत्य-नाटिका, मधुर गीतों एवं मनमोहक नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर पूरे हॉल में जोरदार तालियां गूंज उठीं और उपस्थित जनों ने तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपल नीतू जैन ने पधारे सभी दादा-दादी, नाना-नानी और विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
समारोह का सबसे भावुक और मुख्य क्षण तब आया जब सभी बच्चों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी के चरण छूकर, उन्हें गले लगाया और जीवनभर उनका आदर व सेवा करने की शपथ लेकर उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता अभिव्यक्त की।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष श्री सुनील गोलछा जी, श्री प्रकाश मालू जी, श्री राजेश सावनसुखा जी, श्री संपत झाबक जी, श्री सुरेश कांकरिया जी , श्री राजेंद्र जैन जी एवं श्री सौरभ पारख जी सहित प्रबंध समिति के अन्य सम्मानित सदस्य व ट्रस्टी विशेष रूप से उपस्थित रहे। खुशियों और अनमोल यादों के साथ यह भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।