दुर्ग - श्रीमती झंकार बाई बोहरा के निधन के पश्चात उनके परिवार ने नेत्रदान का प्रेरणादायी निर्णय लिया। इस पुनीत कार्य से दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आने का मार्ग प्रशस्त होगा।
श्रीमती झंकार बाई बोहरा के निधन के उपरांत उनके भाई जीवनचंद जैन, जेठमल जैन, महेंद्र जैन एवं पारस झाबक ने नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान की। नवदृष्टि फाउंडेशन के समन्वय से नेत्रदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम में शामिल डॉ. रिंकल अग्रवाल, डॉ. प्रनीस केरकेट्टा एवं नेत्रदान प्रभारी विवेक कसार द्वारा कॉर्निया का सफलतापूर्वक कलेक्ट किया गया।
नेत्रदान की प्रक्रिया के दौरान नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, रितेश जैन, हरमन दुलई, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला एवं उज्ज्वल पींचा पूरे समय जैन परिवार के निवास पर उपस्थित रहे तथा नेत्रदान की प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस पुनीत कार्य में डॉ. अजय गोवर्धन एवं श्री कमल लुनिया का भी संस्था को विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
श्रीमती झंकार बाई बोहरा धार्मिक प्रवृत्ति की थीं और सदैव पूजा-पाठ एवं धार्मिक कार्यों में लीन रहती थीं। वे हमेशा सभी के मंगल की कामना करती थीं।
नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से सभी सदस्यों ने जैन परिवार के इस पुनीत व प्रेरणादायी निर्णय की सराहना की।