पंडरिया, जिला-कबीरधाम - लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित पंडरिया में श्रमिक हितों की विभिन्न समस्याओं एवं प्रबंधन के कथित तानाशाही रवैये को लेकर भारतीय मजदूर संघ पंडरिया ने प्रबंधन के समक्ष अपनी 5 सूत्रीय मांगें रखी हैं। संघ का आरोप है कि श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करने के बजाय प्रबंधन द्वारा लगातार भेदभावपूर्ण एवं दबावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
भारतीय मजदूर संघ द्वारा प्रबंध संचालक को दिए गए पत्र में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गई हैं—
1. महामंत्री ललित चन्द्रवंशी को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए
भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री एवं क्षेत्र सहायक ललित चन्द्रवंशी द्वारा श्रमिक हित में लगातार आवाज उठाए जाने के बाद दिनांक 05 अगस्त 2026 की शाम मौखिक आदेश के माध्यम से उन्हें कार्य से हटा दिए जाने का संघ ने आरोप लगाया है। संघ ने मांग की है कि उन्हें तत्काल उनके पूर्व कार्य एवं कार्यक्षेत्र में वापस रखा जाए। संघ का कहना है कि श्रमिकों की समस्याओं को उठाना कोई अपराध नहीं है और श्रमिकों की आवाज दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
2. मेंटेनेंस कार्य में पूर्व वर्षों की तरह सभी श्रमिकों को कार्य पर वापस लिया जाए
संघ ने मांग की है कि वर्ष 2026 के मेंटेनेंस कार्य में बिना किसी भेदभाव के उन सभी श्रमिकों को कार्य पर लिया जाए, जो पूर्व वर्षों में मेंटेनेंस कार्य करते रहे हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति निर्धारित तिथि से श्रमिकों को कार्य पर वापस लिया जाए तथा किसी भी श्रमिक के साथ पक्षपात न किया जाए।
3. वर्षों से कार्यरत ठेका श्रमिकों का कार्यस्थल नहीं बदला जाए
संघ ने कहा है कि कारखाना पंडरिया में 9-10 वर्षों से कार्यरत ठेका श्रमिकों को उनके पूर्व कार्यस्थल से हटाकर अन्य स्थानों पर भेजकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। मांग है कि लंबे समय से कार्यरत इन श्रमिकों को उनके मूल कार्यस्थल पर ही रखा जाए तथा कार्यस्थल परिवर्तन के नाम पर किसी प्रकार का भेदभाव या दबाव न बनाया जाए।
4. हड़ताल अवधि के लंबित भुगतान का निराकरण किया जाए
भारतीय मजदूर संघ द्वारा 16 अक्टूबर 2024 से 28 अक्टूबर 2024 तथा 01 नवंबर 2025 से 07 नवंबर 2025 तक श्रमिक हित में हड़ताल की गई थी। इसके बाद दिनांक 28 अक्टूबर 2024 एवं 07 नवंबर 2025 को कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में कारखाना प्रबंधन एवं भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ था और आंदोलन वापस लिया गया था।
संघ की मांग है कि उक्त हड़ताल अवधि के लंबित वेतन/भुगतान का उसी प्रकार भुगतान किया जाए, जिस प्रकार पूर्व में आंदोलन अवधि का भुगतान कारखाना प्रबंधन द्वारा किया गया है।
5. श्रमिकों के भुगतान में भेदभाव तत्काल बंद किया जाए
संघ ने आरोप लगाया है कि पूर्व में संविदा कर्मचारी, भूमि कर्मचारी, ओम इंटरप्राइजेस/करेटक एवं ठेका श्रमिकों सहित सभी श्रमिकों का भुगतान एक साथ किया जाता था, लेकिन जून 2025 से ठेका श्रमिकों के भुगतान में भेदभाव किया जा रहा है।
संघ का कहना है कि अन्य कर्मचारियों का भुगतान कर दिया जाता है, जबकि ठेका श्रमिकों का भुगतान रोक दिया जाता है। इससे ठेका श्रमिकों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संघ ने मांग की है कि प्रत्येक माह सभी श्रमिकों का भुगतान बिना किसी भेदभाव के समय पर किया जाए तथा जून 2025 से लंबित ठेका श्रमिकों के भुगतान का तत्काल निराकरण किया जाए।
11 अगस्त से आंदोलन की चेतावनी
भारतीय मजदूर संघ ने प्रबंधन से सभी पांचों मांगों का गंभीरता से निराकरण कर लिखित रूप से संघ को अवगत कराने की मांग की है।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों का निराकरण नहीं किया गया तो दिनांक 11 अगस्त 2026 से भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले समस्त श्रमिकों के साथ अनिश्चितकालीन टूलडाउन/धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ ने कहा कि श्रमिकों की जायज मांगों की अनदेखी कर प्रबंधन द्वारा अपनाया जा रहा रवैया तानाशाहीपूर्ण एवं श्रमिक विरोधी है। भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों के अधिकारों एवं हितों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करता रहेगा।
आंदोलन से उत्पन्न होने वाली समस्त परिस्थितियों की जिम्मेदारी कारखाना प्रशासन एवं प्रबंधन की होगी।