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मानव जीवन का मूल्यांकन धन से नहीं धर्म से करना चाहिए - साध्वी श्री प्रज्ञा श्री जी महाराज साहब

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खिरकिया श्री संघ के गुरु भक्तों ने गुड़ी में साध्वियों के दर्शन सानिध्य का लिया लाभ।

खिरकिया/गुड़ी - श्री प्रज्ञा श्रीजी साहब ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि-  हमें यह मानव जीवन अनंत अनंत पुण्यवाणी से मिला है इसे हम व्यर्थ न गंवाएं इसका उपयोग करें। हमें मानव जीवन का मूल्यांकन धन से नहीं, धर्म से करना चाहिए तभी हम मानवता में प्रवेश कर पाएंगे। हमें अपना पोषण और दूसरों का शोषण नहीं करना चाहिए। हम जीवन को अमूल्य बनाएं।उन्होंने आगे कहा कि-  हमें धन पर अहंकार नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को धन से नहीं, धर्म से पहचाना जाता है।हम चित्र के नहीं, चारित्र के पुजारी बनें। मनुष्य की शोभा उसके सदव्यवहार और चारित्र से होती है। हमें जीवन को उपयोगी बनाना है।इसके पूर्व श्री प्रेक्षा श्री जी महाराज साहब ने कहा कि - हम धर्म तो कर रहे हैं पर हममें परिवर्तन नहीं हो रहा है। यह शरीर अलग है और आत्मा अलग है ।यह संसार असार है और संयम में सार है ।

साध्वियों के मुखार बिंद से तपस्वी मधु बरडिया ने 10 उपवास एवं रीना बरडिया ने 7 उपवास के पचखान ग्रहण कर अदम्य आत्म मनोवल का परिचय दिया।

तप अनुमोदन अवसर पर गुरु भक्ति से ओतप्रोत अभिव्यक्ति आशीष समदड़िया एवं खिरकिया महिला मंडल आदि ने दी। धर्म सभा का संचालन संपत भूरा ने किया।

इस अवसर पर श्री श्वेतांबर जैन श्री संघ खिरकिया से श्रावक श्राविकाएं एवं गुरु भक्त उपस्थित हुए जिनमें हेमचंद भंडारी, नगिन मेहता, सुरेश बाफना, मोहन सोनी, विजेंद्र राजपूत, आशीष समदड़िया, नयन विनायक्या, सुमित भंडारी, आदेश विनायक्या एवं कुसुमलता भंडारी, शांता बाई चोरड़िया, कांता रांका, विमला रांका, संपत बाई सांड, प्रमिला भंडारी, सुनीता सांड, उषा मेहता, कंचन भंडारी, उज्जवला बाफना, विजया रांका, सुनीता रेदासनी, रत्ना समदड़िया, दीपाली सांड आदि उपस्थित रहे।

ज्ञातव्य है कि श्री प्रज्ञा श्री जी म.सा. ठाणा 4 का पावन बर्षावास 2026 गुड़ी संघ को प्राप्त हुआ है। साथ ही छनेरा में विराजित साध्वियों के दर्शन सानिध्य का लाभ लिया। 

यह जानकारी मोहन सोनी आशीष समदड़िया ने प्रदान की।

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