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'महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण' (2021 से 2026) की गौरवशाली यात्रा।

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दिनांक: 28 अक्टूबर 2026  'महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण' (2021 से 2026) की गौरवशाली यात्रा*


भोपाल/जबलपुर (मध्य प्रदेश) दिनाँक -28 अक्टूबर 2026 - जैन धर्म के प्रखर सूर्य, युग शिरोमणि, संत शिरोमणि परम पूज्य आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज के 50वें आचार्य पदारोहण वर्ष (2021-22) के पावन एवं ऐतिहासिक उपलक्ष्य में मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में 'महाकवि आचार्य विद्यासागर अलंकरण' की स्थापना की गई थी।

यह अलंकरण मात्र सम्मान नहीं, बल्कि आचार्य श्री के जीवन-दर्शन — अहिंसा, संयम, करुणा, राष्ट्रीय चेतना और "जियो और जीने दो" के मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का पवित्र संकल्प है।

अलंकरण का स्वरूप:

इस प्रतिष्ठित सम्मान के अंतर्गत सम्मानित विभूति/संस्था को स्वर्ण एवं रजत पदक (सोना-चांदी का विशेष निर्मित मेडल), अभिनंदन पत्र (प्रशस्ति पत्र) तथा ₹1,00,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।

अलंकरण का पावन उद्देश्य:

यह सम्मान उन विशिष्ट व्यक्तियों एवं सेवी संस्थाओं को समर्पित है जिन्होंने राष्ट्रीय सेवा, मानव सेवा, विश्व शांति, शाकाहार का प्रचार-प्रसार, जीव दया एवं प्राणी संरक्षण तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट, अनुकरणीय एवं राष्ट्रव्यापी योगदान दिया हो।


गौरवशाली परम्परा - वर्षवार सम्मानित विभूतियाँ:

1. वर्ष 2021 (प्रथम अलंकरण):

ख्यातिप्राप्त उद्योगपति एवं आर.के. मार्बल वंडर ग्रुप के चेयरमैन, किशनगढ़-मदनगंज के श्रीमान अशोक जी पाटनी को। आपको महाराष्ट्र में बाढ़ पीड़ित गरीबों के लिए 200 मकान बनवाने, अनेकों विधवा महिलाओं को आजीवन पेंशन देने और गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति देने जैसे अनेकों मानव कल्याण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

2. वर्ष 2022 (द्वितीय अलंकरण):

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त, "लोकबिरादरी प्रकल्प" के प्रणेता डॉ. प्रकाश आमटे जी को। आपकी और आपकी धर्मपत्नी डॉ. मंदाकिनी आमटे की सेवाएँ पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं और आप विशेष रूप से जीव दया एवं आदिवासी सेवा के लिए जाने जाते हैं।

3. वर्ष 2023 (तृतीय अलंकरण):

पद्मश्री/पद्म विभूषण से सम्मानित, जयपुर (राजस्थान) के प्रतिष्ठित पर्यावरणविद एवं "ट्री मैन" के नाम से प्रसिद्ध श्री कैलाश मानव 'कैलाश मानव' को। आपको पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जीवन भर के श्रेष्ठ एवं अनुकरणीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

4. वर्ष 2024 (चतुर्थ अलंकरण):

जीव दया के क्षेत्र में गोवंश रक्षा के लिए समर्पित संस्था दयोदय महासंघ, भोपाल को। यह संस्था वर्तमान में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में 100 से अधिक गौशालाओं का संचालन करती है, जिनके माध्यम से अब तक 1 लाख से अधिक निराश्रित, घायल और बीमार पशुओं को बचाया जा चुका है। यह गरिमामय समारोह रायपुर में आयोजित हुआ था।

5. वर्ष 2026 (पंचम अलंकरण):

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के परम आदरणीय सरसंघचालक माननीय श्री मोहन जी भागवत को उनकी राष्ट्रव्यापी उत्कृष्ट सेवाओं एवं राष्ट्र जागरण में योगदान के लिए। यह भव्य एवं गरिमामय राष्ट्रीय समारोह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में परम पूज्य पट्टाचार्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद, सानिध्य एवं मंगल निर्देशन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें देश भर से संतगण, विद्वतजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

आयोजक संस्था :

यह प्रतिष्ठित एवं पावन अलंकरण विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति, डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। समिति आचार्य श्री के सपनों के अनुरूप शिक्षा, साहित्य, सेवा और संस्कार के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है।

भवदीय - प्रचार-प्रसार विभाग

विद्यासागरोदय विद्यायतन समाधि स्मारक समिति,

डोंगरगढ़ (छ.ग.)

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