वरिष्ठ कांग्रेसी नेता त्रिलोचनसिंह सलूजा 6 साल के लिए निष्कासित।
पंडरिया - नगर पंचायत पांडातराई में अध्यक्ष के खिलाफ लाये गए अविश्वास प्रस्ताव का पटाक्षेप हो चुका है, वहीं पार्टी लाईन के खिलाफ कार्य करने के विरूद्ध 5 पार्षदों को कांग्रेस कमेटी ने निष्काषन करते हुए बाहर का रास्ता दिखा चुकी है।
आज 3-6-2022 को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता त्रिलोचनसिंह सलूजा को पार्टीलाईन से हटकर विरोधियों को सहयोग करने के आरोप में 6 साल के लिए निष्काशित कर कड़ा फैसला पार्टी ने लिया है। इसका भविष्य में कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो सकता है। त्रिलोचनसिंह सलूजा पांडातराई ही नही क्षेत्र में एक जाना पहचाना चेहरा है। कांग्रेस के कटर समर्थक माने जाते हैं। ग्राम पंचायत पांडातराई में सरपंच भी रहे हैं, पंडरिया कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष भी रहे हैं।
नगर पंचायत पांडातराई अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस पार्टी में लड़ाई प्रारम्भ से ही रहा है। त्रिलोचनसिंह सलूजा के पुत्र पार्षद हैं, अध्यक्ष के दौर में इनका नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा था, किन्तु राजनीति में जो पद पाना चाह रहे हैं, वह आपको मिल जायेगा इसकी कल्पना भी राजनीतिक सोर्स और अर्थ के बिना सोचना मुश्किल ही कठीन प्रश्न है। खैर पांडातराई की राजनीति में अभी भी चिंगारी भूझी नहीं है। विधानसभा चुनाव के पहले इस राजनीतिक चिंगारी को शांत नही किया गया तो भविष्य में पांडातराई की राजनीति नई मोड़ ले सकती है, पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
आपको बताते चले कि सलूजा विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी से निष्काशित रहें हैं। उन्हें मोहम्मद अकबर ने कांग्रेस पार्टी में प्रवेश दिलाया था, फिर से दुबारा कांग्रेस पार्टी से निष्काषन होना पड़ा है।