पंडरिया - नगर में नवपदस्थ थाना प्रभारी आने के बाद से नगरवासियों ने खुलेआम हो रहे लाखों रुपयों का जुआ-सट्टा के खेल से राहत भरी महसूस कर रहे हैं, तो वहीं अवैध धंधा के संचालक खाईगिरी करने वाले सटोरियों में हड़कंप मचा हुआ है। पंडरिया थानाप्रभारी दुर्गेश रावटे के आने के बाद से लाखों रुपयों का जुआ खेल का अड्डा बन्द है। संचालक और संचालकमंडल के सदस्यगण रास्ता निकालने में अपनी बुद्धि खपा रहे हैं। अपने राजनीतिक आकाओं यानी कि संरक्षक के दरवाजे चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। कुछ विरोधीतत्व के लोग जल्द सेंटिग हो जाने की अफवाह फैलाने लगे हैं। कुछ समय से एक भी बड़ी कार्रवाई नही होने से जुआ-सट्टा के संचालकों का हौसला बढ़ा हुआ है। एक मुलाकाती परिचर्चा में थाना प्रभारी ने बताया कि मेरी प्रथम प्राथमिकता अवैधधंधों पर अंकुश लगाना, क्राइम से जुड़े बदमाशो से सख्ती से त्वरित कार्रवाई करना, आम आदमी को थाने तक आना न पड़े उसे गांव में ही निपटारा किए जाने का प्रयास करना है। पुलिस और जनता के बीच एक अच्छा संवाद स्थापित करने के साथ ही पीड़ित परिवार के लोगों को पुलिसिंग कार्य का सही लाभ मिल सके इसका भरसक प्रयत्न करना है। कहीं भी संवादहीनता की स्थिति निर्मित न इसका ख्याल रखा जायेगा। फिलहाल तो थानाप्रभारी दुर्गेश रावटे के आने के बाद से नगर में महामारी का स्वरूप लेे रखे जुआ-सट्टा के खेल से लोग राहत महसूस कर रहे हैं। ऐसी ही स्थिति जुआ-सट्टा बाजार से जुड़े लोगों के लिए अंकुश लगाने में पुलिस लगी रही तो जुआ-अड्डा के संचालक व सट्टा के खाई गिरी करने वाले सटोरिये भी भय खाने के साथ ही सर नही उठा सकेंगे।