रायपुर - भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति द्वारा जैन सेवा जनसेवा के अंतर्गत जैनसाध्वी श्री स्नेहयशा श्रीजी की निश्रा में गूंगे-बहरे भाई बहनों को श्रवणयन्त्र का वितरण किया गया। इस अवसर पर साधर्मिक बुजुर्गों को भी श्रवण यन्त्र प्रदान किये गए। जैन साध्वी श्री स्नेहयशा श्री ने इस अवसर पर कहा कि धर्म का सेवा से सरोकार होना ही चाहिए। चातुर्मास जैनधर्म की सूक्ष्म अहिंसा के साथ जीवन जीने की कला है। अहिंसा हमारे जीवन में दया करुणा सेवा के भाव पैदा करती है। इसलिए चातुर्मास काल में मानव सेवा, मूक पशु पक्षियों की सेवा, अभयदान के प्रकल्प अवश्य किये जाने चाहिए। उपदेशों के साथ उनका आचरण में दृष्टिगोचर होना बहुत जरूरी है। भगवान महावीर जन्मकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेन्द्र कोचर व सलाहकार विजय चोपड़ा ने बताया कि जैनसेवा व जनसेवा प्रकल्प के तहत 500 श्रवण यन्त्र का वितरण जारी है। अभीतक 117 भाई बहनों को सहायता उपलब्ध कराई गई है, जिसमें साधर्मिक भाई व अन्य लाभार्थी शामिल हैं। अध्यक्ष महेन्द्र कोचर व महासचिव मनोज कोठारी ने बताया कि रायपुर में अनेक गुरुभगवंतों के चातुर्मास हो रहे हैं। सभी धर्मस्थलों में जरूरतमंद गूंगे-बहरों का चयनकर श्रवण यन्त्र का वितरण समय समय पर किया जावेगा। महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि साध्वी श्री स्नेहयशा श्रीजी की निश्रा में 8 साधर्मिक भाइयों व 11 लाभार्थीयों को जनसेवा की भावना से कान की मशीन प्रदान की गई। आध्यात्मिक चातुर्मास समिति के अध्यक्ष विवेक डागा व सचिव प्रकाश कोठारी ने बताया कि साध्वी श्री स्नेहयशा श्रीजी की निश्रा में बच्चों के जीवन निर्माण हेतु संस्कारों का शंखनाद कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। साथ ही मानव सेवा व मूक पशु-पक्षियों की सेवा की प्रेरणा व उसे कार्यरूप में परिणित कर दिखाया जा रहा है। मानव सेवा प्रकल्प के संचालन में महेन्द्र कोचर, विजय चोपड़ा, चन्द्रेश शाह, मनोज कोठारी, गुलाब दस्सानी, कमल भन्साली, महावीर कोचर, अरुण कोठारी, महावीर मालू, हरीश डागा आदि की सक्रिय सहभागिता रही है।