कवर्धा - मुख्यमंत्री के आगमन पूर्व जुआ-सट्टा पर लगाम लगाया गया था। विभाग में स्थानांतरण के बाद से कुछ लोग मियां मिट्ठु बन गए हैं। अपनी पीठ थपथपाई करने में लग गए हैं, कि मेरी शिकायत के कारण जुआ-सट्टा के संचालन के मामले में संलिप्तता होने के सवाल पर कार्रवाई हुई है। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो विगत 15 दिन से सरकारी तंत्र विभिन्न पहलू पर रिपोर्टिंग कर रही थी, इस मामले में पुलिस प्रशासन हठधर्मिता पर उतर आई थी, सरकार के सभी खुफिया एजेंसियों ने सही जानकारियां दी है, उसी के आधार पर थोक के भाव में अस्थाई तौर पर जिले के अंदर पुलिस विभाग में सर्जरी हुए हैं, पर जुआ-सट्टा बाजार से जुड़े लोगों की माने तो पंडरिया से उठाकर लाखों-करोड़ों रुपयों का जुआ सिमगा में खेला जा रहा है। पंडरिया सहित जिले के आसपास के जुआ सट्टा बाजार के प्रेमी सिमगा जाकर खेल रहे हैं। पंडरिया पुलिस भी छोटे मोटे जुवारीयो शराबीयो को पकड़कर कार्रवाई लगातार कर रही है। सिमगा में भी हो रहे जुआ खेल पर जिले की प्रशासनिक अमला जानकारी दे, और सख्त कड़ी वैधानिक कार्रवाई करे ताकि प्रदेश के अंदर हो रहे अवैध धंधा पर अंकुश लगाया जा सके। पंडरिया से सिमगा की दूरी 70 से 75 किलोमीटर की है। रोज यहां के जुवाडी कार में सवार हो जा रहे हैं। फिर शाम को लौटाने के बाद रंगीन दुनिया में खलबली मचाते हैं, जिसकी चर्चा निकालकर सामने आती है। वैसे भी देखा जॉय तो जुआ सट्टा का रंगीन दुनिया आदिकाल से चली आ रही है, जुआ और सट्टा बाजार का खेल समय काल परिस्थिति के अनुसार स्वरूप बदल गया है। विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर खेल रहे हैं। आनलाइन जुआ सट्टा खेला जा रहा है। उस पर कोई प्रतिक्रिया हमारे राजनेताओं का नहीं आती है। हर रोज कोई न कोई इंसान इस अवैधानिक खेल के चक्कर में फंसकर आर्थिक बोझ से दबा कर जान गवां रहे हैं। बहरहाल अभी तो हमे कवर्धा पंडरिया से जुआ खेलने जा रहे सिमगा की खेल को रोका जाना आवश्यक है। पंडरिया मुंगेली कवर्धा सिमगा पुलिस प्रशासन तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें।