रायपुर। न्यू राजेंद्रनगर स्थित महावीर जिनालय में चल रहे भव्य आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने शुक्रवार को कहा कि हे वत्स तू क्यों चंचल बनता है। यह चंचलता तेरे विशाद का कारण बन...
रायपुर। न्यू राजेंद्रनगर स्थित महावीर जिनालय में चल रहे भव्य आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने शुक्रवार को कहा कि हे वत्स तू क्यों चंचल बनता है। यह चंचलता तेरे विशाद का कारण बन...
रायपुर, 11 अगस्त। ‘‘रक्षाबंधन प्रेम, पवित्रता और मानवीय सुरक्षा का पर्व है। आओ हम सब इसका तहेदिल से स्वागत करें। यह वो पर्व है जब एक भाई अपनी बहन के लिए असीम प्रेम को लुटाता है, दुनिया में भाई-बहन ...
रायपुर। रक्षा शब्द से बना है राखी, शास्त्रों में इसका मतलब कर्तव्यों का पालन करना है। भाई मतलब सिर्फ खून का रिश्ता नहीं होता। भाई वह होता है जो सुहाता है, जो हम को भाता है। भाई अगर बहन को एक बार सा...
रायपुर -10 अगस्त। ‘‘ जहां संप यानि मेल-मिलाप होता है, वहीं पर संपत्ति रहती है। आज जब हम सामाजिक एकता की बात कर रहे हैं तो उस पुरानी कहावत को याद कर लें, बंद मुट्ठी लाख की और खुल गई तो खाक की। आदमी ...
रायपुर - अहंकार से आदमी में अकड़ आ जाती है, आम का पेड़ भी जब अकड़ कर रहता है, तो उसके फल खट्टे रहते है। मीठे फल देने के लिए भी उसे झुकना पड़ता है। जब वह झुकता है तब ही वह लोगों को फल देता है। किसी मंच ...
रायपुर, 9 अगस्त। इष्ट फल की प्राप्ति और मुक्ति का आधार है महामंत्र नवकार। जिस मंत्र के पहले, बीच में और अंत में कोई बीजाक्षर लगाने की जरूरत नहीं होती, जिसे ऊपर से बोल लो तो वही परिणाम और नीचे से शु...
रायपुर। आप घर में सब्जी बनाते हो और उसे एक दिन में ही खत्म कर देते हो। वैसे ही आप अचार भी बनाते हो और वह महीनों तक चलता है। क्रोध और बैर भी इन्हीं की तरह होते हैं। क्रोध सब्जी की तरह होता है एक दिन...
रायपुर, 8 अगस्त। ‘‘धर्म हमेशा सुई-धागे की भांति आपस में जो टूटे हुए हैं उन्हें जोड़ने का काम करता है। इसीलिए हम सब लोगों को इस बात के लिए हमेशा अपने अंतर्मन को तैयार रखना चाहिए, कि हम कभी-भी धर्म, प...
रायपुर - न्यू राजेंद्रनगर स्थित महावीर जिनालय में भव्य आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने सोमवार को कही। मग्नता के विषय पर उन्होंने कहा कि स्थिरता के बिना मग्नता नहीं आती और मग्...