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राजधानी रायपुर

मां की ममता और पिता की क्षमता दुनिया में सबसे महान है : राष्ट्रसंत ललितप्रभजी।

ऐतिहासिक भीड़, पंडाल के बाहर भी लोग बैठे। रायपुर, 7 अगस्त। ‘‘हर आदमी जब दुनिया में आता है और पहली बार अपना मुंह खोलना है तो एक ही महान शब्द निकलता है माँ। प्यारी माँ मुझको तेरी दुआ चाहिए, तेरी आँचल...

07 August 2022
किसी वस्तु से ममत्व रखोगे तो आप भगवान से दूर होते जाओगे: साध्वी स्नेहयशाश्रीजी

रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर स्थित महावीर जिनालय में भव्य आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने रविवार को ममत्व विषय पर श्रावकों को संबोधित किया। आप किसी वस्तु से ममत्व रखते है, तो आप...

07 August 2022
बुढ़ापा अभिशाप नहीं पुण्यार्जन के लिए एक वरदान है: राष्ट्रसंत ललितप्रभजी।

रायपुर, 6 अगस्त। ‘‘बुढ़ापा आदमी के लिए अभिशाप नहीं है, वरदान बन जाता है। क्योंकि अनुभवों की पोटली आदमी बुढ़ापे में लेकर आता है। इसीलिए बपचन से ज्यादा मूल्यवान जवानी हो जाती है, और जवानी से भी ज्यादा ...

06 August 2022
आनंदित रहना सीख जाओ, आपके सारे दुख-दर्द खत्म हो जाएंगे: साध्वी स्नेहयशाश्रीजी।

रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर स्थित महावीर जिनालय में भव्य आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने शनिवार को मग्नता और स्थिरता के विषय में श्रावकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एक बा...

06 August 2022
श्री पैंसठिया यंत्र और छन्द अनुष्ठान – तेरापन्थ अमोलक भवन, रायपुर में

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या समणी निर्देशिका कमल प्रज्ञा जी, समणी करुणा प्रज्ञा जी, समणी सुमन प्रज्ञा जी के सान्निध्य में आज दिनांक 5 अगस्त 2022 रायपुर तेरापंथ अमोलक भवन में मानसिक...

05 August 2022
श्री पैंसठिया यंत्र और छन्द अनुष्ठान - तेरापन्थ अमोलक भवन, रायपुर में

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या समणी निर्देशिका कमल प्रज्ञाजी, समणी करुणा प्रज्ञाजी, समणी सुमन प्रज्ञाजी के सान्निध्य में आज दिनांक 5 अगस्त 2022 रायपुर तेरापंथ अमोलक भवन में मानसिक, आ...

05 August 2022
हर आदमी प्रतिभा लेकर इस दुनिया में आया है, बस उसे तराशने की जरूरत है: राष्ट्रसंत ललितप्रभजी।

रायपुर, 5 अगस्त। ‘‘इस दुनिया के 70 परसेंट लोग ऐसे हैं जो गरीब के घर पैदा हुए और ऊंचाइयों के मुकाम तक पहुंचे। जब आदमी के भीतर जब जज्बा जाग जाता है- मुझे कुछ बनना है तो वह कहां से कहां तक पहुंच जाता ...

05 August 2022
जिंदगी में जितनी जरूरत शिक्षा की उतनी ही संस्कारों की भी: राष्ट्रसंत ललितप्रभजी

रायपुर, 4 अगस्त। ‘‘अच्छे संस्कार आदमी को कभी भी अंधेरे की ओर नहीं जाने देते, अच्छे संस्कार हमेशा आदमी को उजाले की तरफ लेकर जाते हैं। जिंदगी में जितनी जरूरत शिक्षा की होती है, उतनी ही जरूरत संस्कारो...

05 August 2022
सांसारिक सुख से एकाग्रता हटाकर धर्म के प्रति मग्नता लाएं: साध्वी स्नेहयशाश्रीजी।

रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर स्थित महावीर जिनालय में भव्य आध्यात्मिक चातुर्मास के दौरान साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने गुरुवार को कहा कि उपाध्याय यशोविजयजी ने ज्ञान सार सूत्र में बहुत ही प्रिय बात कही है। प...

04 August 2022
दुनिया के मेंबर बनने से पहले अपने घर के मेंबर बन जाइए- राष्ट्रसंत ललितप्रभजी।

रायपुर, 3 अगस्त। ‘‘परिवार की खुशहाली और पारिवारिक रिश्तों में प्रेम बनाए रखने के लिए हमेशा परिवार के बड़े-बुुुजुर्गों की सेवा-सुश्रुषा से उनके लाड़-प्यार को निभा लो। एक दिन बुढ़ापा सबको आना है, आज आपन...

03 August 2022

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