रायपुर - न्यू राजेंद्र नगर महावीर जिनालय में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन में ‘मग्नता कैसे प्राप्त हो’ विषय पर साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने सोमवार को संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि जैसे बिना टिकट ट्रेन में ...
रायपुर – 1 अगस्त। ‘‘घर-परिवार की अगर सबसे बड़ी कोई संपत्ति होती है तो वो है परिवार के सब लोगों में रहने वाला प्रेम। जैसे बिना पैसे के पर्स खाली व बेकार होता है, जैसे बिना पानी की नदी व्यर्थ होती है,...
रायपुर – 1 अगस्त। ‘‘घर-परिवार की अगर सबसे बड़ी कोई संपत्ति होती है तो वो है परिवार के सब लोगों में रहने वाला प्रेम। जैसे बिना पैसे के पर्स खाली व बेकार होता है, जैसे बिना पानी की नदी व्यर्थ होती है,...
रायपुर - 1 अगस्त। ‘‘घर-परिवार की अगर सबसे बड़ी कोई संपत्ति होती है तो वो है परिवार के सब लोगों में रहने वाला प्रेम। जैसे बिना पैसे के पर्स खाली व बेकार होता है, जैसे बिना पानी की नदी व्यर्थ होती है,...
रायपुर - 31 जुलाई। ‘‘जीवन में जो भी संस्कार आते हैं, उनके आने का पहला कारण होता है आदमी की संगत। क्योंकि जैसी संगत होती है, वैसी ही जीवन में रंगत आती है। सीधी-सादी सी बात है आसमान से टपकने वाली पान...
विश्व शान्ति व अहिंसा परमो धर्म की भावना से दस लाख नवकार महामंत्र का जाप। रायपुर। जैन साध्वी श्री स्नेहयशा श्री जी की पावन प्रेरणा से पार्श्वनाथ भगवान का मोक्षकल्याणक 3, 4 और 5 अगस्त को मनाया जाएग...
न्यू राजेंद्र नगर महावीर जिनालय में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान रविवार को साध्वी स्नेहयशाश्रीजी ने कहा कि ज्ञानसार में कहा गया है, कि केवल ज्ञान प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, अपितु ज्ञान का...
रायपुर, 30 जुलाई। ‘‘आनंद और खुशियां जिंदगी की सबसे बड़ी दौलत है। यह दौलत किसी किस्मत वाले को मिलती है। तिजोरी की दौलत तो हर किसी को मिल जाती है, पर ये खुशियों भरी जिंदगी की दौलत किसी-किसी को नसीब हो...
रायपुर, 30 जुलाई। ‘‘आनंद और खुशियां जिंदगी की सबसे बड़ी दौलत है। यह दौलत किसी किस्मत वाले को मिलती है। तिजोरी की दौलत तो हर किसी को मिल जाती है, पर ये खुशियों भरी जिंदगी की दौलत किसी-किसी को नसीब हो...
रायपुर – कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा बाेले तो उसका महत्व उस सभा में नहीं रह जाता है। आप घड़ी के कांटों को देखा होगा, सेकंड का कांटा सबसे ज्यादा घूमता है और हम उस पर ध्यान नहीं देते। वैसे ही मि...