डोंगरगढ़ – संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ससंघ चंद्रगिरी डोंगरगढ़ में विराजमान कि। आज के प्रवचन में आचार्य श्री ने बताया कि द्रव्य, क्षेत्र, काल, भव और भाव का प्रभाव पड़ता कि। क्षेत्र और काल के प्रभाव से हिंसक अहिंसक और अहिंसक भी हिंसक हो जाते हैं। ऐसे कई उदाहरण शास्त्रों में पढने को मिलते हैं। घने जंगल के बीच से एक रास्ता है जो कि डाम्बर रोड है जिसमे 12-15 व्याग्र (सिंह) क्रम से बैठ जाते हैं, कुछ वही लोट-पोट होते रहते हैं और कुछ उस मुलायम रोड में लेट जाते हैं। वहाँ एक ओर से कार आती है रोड में इतने सारे सिंह को देखकर और रास्ता न मिलने पर कार के कांच को बंद कर लेते हैं। आगे पीछे दोनों तरफ सिंह आ जाते हैं। सिंह भी कार में सवार यात्रिओं को कुछ नहीं करता कि। एक सिंह को हमने सुखी घांस और सूखे पत्ते खाते देखा है हो सकता है उसने सल्लेखना ली हो। सभी सिंह गुफा में शांति से बैठे हैं और उस सिंह से कहते हैं कि बताओ क्या खाना है हम लाकर देते है। तो वह कहता है मुझे कुछ नहीं खाना कि। एक व्यक्ति जब छोटा था तब एक वृक्ष उसने लगाया था और जब वह बुढा हो गया तो उस वृक्ष में फल आने लगे तो वह उस वृक्ष के फल को स्वयं न खाकर वहाँ आने वाले राहगीर को खिलाता था। वहाँ से निकलने वाले राहगीर उस पेड़ कि छाँव में बैठकर उसके मीठे फल को खाते थे। वृक्ष स्वयं अपने फल नहीं खाता है। फल पकने पर उसे निचे गिरा देता है जिसे दूसरे खाकर अपनी भूक शांत करते हैं। ऐसे ही हमें भी दान देना चाहिये जिससे दूसरे को लाभ मिल सके। आप बनिया लोग हो व्यापार में लेना और देना दोनों होता कि, तभी व्यापर चलता है। इसमें पहले उधारी देते हैं फिर उसे लेते है समय पर पैसा न मिलने पर बंजी करते हैं। चंद्रगिरी में जो दान कि राशि बोली है और अभी तक नहीं दिया है उसे गुणित क्रम से ब्याज लगेगा वैसे हम ब्याज तो लेते नहीं है लेकिन समय पर बीज बोगे तो फसल भी अच्छी होगी उसी प्रकार बोला हुआ दान समय पर देने से कई गुना फल देता है। आज आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को नवधा भक्ति पूर्वक आहार कराने का सौभाग्य श्रीमती मालारानी मुकेश जी जैन बड़ाघर विदिशा निवासी परिवार को प्राप्त हुआ। जिसके लिये चंद्रगिरी ट्रस्ट के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन, कार्यकारी अध्यक्ष श्री विनोद बडजात्या, कोषाध्यक्ष श्री सुभाष चन्द जैन, निर्मल जैन (महामंत्री), चंद्रकांत जैन (मंत्री ), मनोज जैन (ट्रस्टी), सिंघई निखिल जैन (ट्रस्टी), सिंघई निशांत जैन (ट्रस्टी), प्रतिभास्थली के अध्यक्ष श्री प्रकाश जैन (पप्पू भैया), श्री सप्रेम जैन (संयुक्त मंत्री) ने बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें दी। श्री दिगम्बर जैन चंद्रगिरी अतिशय तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन ने बताया की क्षेत्र में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी की विशेष कृपा एवं आशीर्वाद से अतिशय तीर्थ क्षेत्र चंद्रगिरी मंदिर निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा कि, और यहाँ प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ में कक्षा चौथी से बारहवीं तक CBSE पाठ्यक्रम में विद्यालय संचालित है और इस वर्ष से कक्षा एक से पांचवी तक डे स्कूल भी संचालित हो चुका है। यहाँ गौशाला का भी संचालन किया जा रहा कि, जिसका शुद्ध और सात्विक दूध और घी भरपूर मात्रा में उपलब्ध रहता है। यहाँ हथकरघा का संचालन भी वृहद रूप से किया जा रहा कि, जिससे जरुरत मंद लोगो को रोजगार मिल रहा है और यहाँ बनने वाले वस्त्रों की डिमांड दिन ब दिन बढती जा रही है। यहाँ वस्त्रों को पूर्ण रूप से अहिंसक पद्धति से बनाया जाता है जिसका वैज्ञानिक दृष्टि से उपयोग कर्त्ता को बहुत लाभ होता है। आचर्य श्री के दर्शन के लिए दूर – दूर से उनके भक्त आ रहे है उनके रुकने, भोजन आदि की व्यवस्था की जा रही है। कृपया आने के पूर्व इसकी जानकारी कार्यालय में देवे जिससे सभी भक्तो के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था कराइ जा सके। उक्त जानकारी चंद्रगिरी डोंगरगढ़ के ट्रस्टी सिंघई निशांत जैन (निशु) ने दी है।