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नौकर एक असभ्य शब्द, आपके सानिध्य में काम करने वाले सभी आपके सबसे बड़े सहयोगी है : साध्वी शुभंकरा श्रीजी

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रायपुर - एमजी रोड स्थित जैन दादाबाड़ी प्रांगण में चल रहे मनोहरमय चातुर्मासिक प्रवचन श्रृंखला में रविवार को नवकार जपेश्वरी साध्वी शुभंकरा श्रीजी ने घर को स्वर्ग कैसे बनाएं विषय पर कहा कि आज हर घर में, हर ऑफिस में बहुत से लोग काम करते हैं। यह वह लोग होते हैं जो अपना समय और अपनी मेहनत आपके पीछे व्यय करते हैं। बदले में आप उन्हें कुछ परिश्रमिक राशि देते हो और वे इन रुपयों से अपना घर चलाते है, बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। एक ओर देखेंगे तो आप पुण्य का भी काम कर रहे हो। आपके घर और दुकानों में काम करने वाले लोग भी आपको संयोग से मिलते हैं, उन्हें ढूंढना भी कोई आसान काम नहीं है। अगर वह अपने आप में सक्षम होते तो आपके घर काम करने क्यों आते, यह विचार कीजिए। साध्वीजी कहती है कि आज हम उन्हें नौकर कहकर संबोधित करते हैं। यह बहुत ही असभ्य शब्द हैं। ऐसा कहना आपकी असभ्यता को दर्शाता है। जरूरतमंद लोग आपके घर-ऑफिस में नौकरी करते हैं, पर वह आपके गुलाम नहीं होते है। वे आपके बहुत बड़े सहयोगी होते हैं, आपका सारा काम करते हैं इसलिए आज आप सभी कार्यों से मुक्त होकर धार्मिक कार्य करने आते हैं। वह आपके घर में रहते हैं तो आपको अपनी पत्नी को भी टेंशन नहीं रहती क्योंकि वह आपकी पत्नी के काम में हाथ बटाते हैं और आपकी पत्नी टेंशन फ्री होकर घर को व्यवस्थित करती है। आपके बच्चों को स्कूल छोड़ने, से लेकर सब्जी और राशन लाने तक का काम, आपके ऑफिस के दस्तावेज को सीए, वकील तक पहुंचाने में, आपके पैसे लाने पहुंचाने का काम आपके सहयोगी करते हैं। आप नौकर जैसा शब्द कहकर उनका अपमान करते हो। आज सरकारी व्यवस्था में भी सभी सहयोगियों उन्हें काम के अनुसार अलग-अलग नाम दिए गए हैं जैसे कि भृत्य, चपरासी, माली, हाउसकीपर स्टोर कीपर, ऑफिस असिस्टेंट आदि। यह जो उपाधियां है, इनके सारे कर्तव्यों को आपके घरों में काम करने लोग बखूबी निभाते है। सुबह से शाम तक आपके घर ऑफिस का काम तो यह करते ही हैं, उसके बाद जब आप रात को आराम से सोते हो तो भी यह लोग आपके घर-ऑफिस की रखवाली करने अपनी नींद काली करते हैं। दिन रात सभी लोग आपकी सेवा में लगे रहते हैं तो आपका यह फर्ज बनता है कि उनका सम्मान करें उनकी जरूरत को जाने और उनका पूरा करने में उनकी मदद करें। मनोहरमय चातुर्मास समिति के अध्यक्ष श्री सुशील कोचर और महासचिव श्री नवीन भंसाली ने बताया कि मनोहरमय चातुर्मासिक प्रवचन 2023 ललित विस्त्रा ग्रंथ पर आधारित है। नवकार जपेश्वरी परम पूज्य शुभंकरा श्रीजी आदि ठाणा 4 के मुखारविंद से सकल श्री संघ को जिनवाणी श्रवण का लाभ दादाबाड़ी में मिल रहा है। साथ ही उन्होंने नगरवासियों से साध्वीजी के मुखारविंद से जिनवाणी का श्रवण करने का आग्रह किया है।

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