रायपुर - क्रोध आने का मुख्य कारण आहार चर्या। श्वेत वस्त्र शालीनता के साथ शांति का प्रतिक। उपादान मोहनीय कर्म जागृत है तो किसी भी परिस्थिति में आवेश नहीं आयेगा। क्रोध में व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता क्षीण हो जाती है। उक्त बातें रायपुर, सदर बाजार स्थित तेरापंथ अमोलक भवन में गतिमान प्रवचन श्रृंखला अंतर्गत आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या समणी निर्देशिका डॉ. ज्योतिप्रज्ञा जी ने कही। आज दिनांक 11/08/2023 को तेरापंथ समाज की बेटी श्रीमती ममता चोपड़ा धर्मपत्नी श्री मानक लाल चोपड़ा 90 दिन की तपस्या पूर्ण करते हुए 91 दिवस का तप प्रत्याखान लेते हुए आगे बढ़ने का भाव लेकर समणी वृंद की सन्निधि में उपस्थित हुई।
सुन्दर नाम तुम्हारा ममता खुब दिखाई, ममता समता थारी इंचरजकारी... सुमधुर गीतिका के माध्यम से समणी डॉ. ज्योतिप्रज्ञा जी ने तपस्वी को शुभकामनाएं दी।
समणी डॉ. मानसप्रज्ञा जी ने कहा नाम अनुरुप खाने की ममता पर विजय की है। उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रेरणा प्रदान करते हुए समणी डॉ. मानसप्रज्ञा जी ने कहा बेटा वंश तो बेटी अंश है, बेटा मान तो बेटी सम्मान है, बेटा कुलदीपक तो बेटी कुल दीपिका दो कुलो को रोशन करने वाली है। सभा अध्यक्ष गौतम गोलछा ने भावना व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं दी। तपस्वी का अभिनंदन श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल ने किया।