रायपुर - चातुर्मास में पूज्य गुरुदेव श्री ऋषि प्रवीण के सानिध्य में श्रद्धा समर्पण और भक्ति का अनोखा उदाहरण अपना इतिहास दोहरा रहा है। जिस प्रकार श्रीपाल के साथ अनेकों कुष्ठ रोगियों ने धर्म आराधना करी थी, उसी प्रकार चेन्नई से 14 (श्रीपाल के दोस्त) कुष्ठ रोगी रायपुर आए हुए हैं। और राष्ट्रसंत आचार्य भगवंत 1008 परम पूज्य आनंदऋषिजी महाराजसाहब के 124वें जन्मोत्सव के उपलक्ष में अट्ठाइ कर रहे है।
इनमें से कई कुष्ठ धर्म तो 2016 से अट्ठाइ कर रहे हैं। पूरी भक्ति भावना से प्रभु महावीर से जुड़े ऐसे 1400 कुष्ठ रोगी चेन्नई में है, जो निरंतर धर्म आराधना और चातुर्मास एवं पर्युषण में तप साधना करते है।
रायपुर में पहली बार रचने जा रहा है इतिहास, जहां 1008 अट्टाई होगी एक साथ।
आश्चर्य की बात है, निरोगी काया में एक उपवास करना कठिन है, लेकिन विज्ञान और तर्क को चुनौती देते हुए यह श्रीपाल के दोस्त हमें प्रेरणा दे रहे है।