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पूज्य तपस्वी मुनि श्री मौनप्रभसागरजी म. का स्वर्गवास।

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पालिताना - पूज्य गुरुदेव अवंति तीर्थोद्धारक युगदिवाकर खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा.के शिष्य रत्न पूज्य तपस्वी मुनि श्री मौनप्रभसागरजी म. का ता. 5 सितम्बर 2023 को शाम 7 बजे स्वर्गवास हो गया। उनका जन्म वि. सं. 1990 चैत्र सुदि ता. 27 मार्च 1933 को लोहावट हुआ था। उनके पिताजी श्री इन्द्रचंदजी पारख ने श्री जिनहरिसागरसूरि ज्ञान भंडार लोहावट के वर्षों तक मंत्री पद पर रहकर कार्य सम्हाला था। वे पूज्य आचार्य प्रवर श्री जिन हरिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के परम भक्त थे। उनके सुपुत्र श्री मोहनलालजी पारख की भागवती दीक्षा सुपुत्र नरेश पारख के साथ पालीताना महातीर्थ पर 73 वर्ष की वयोवृद्ध उम्र में ता 21 जनवरी 2007 को संपन्न हुई थी। पिता पुत्र का नाम रखा गया पूज्य मुनि श्री मौनप्रभसागरजी म. पूज्य मुनि श्री मननप्रभसागरजी म.! उनकी दो पुत्रियाँ पूजनीया बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म.सा. की शिष्याएं हैं जो पूज्य सालवी डॉ. श्री शासनप्रभाश्रीजी म. व पूज्य सानवी श्री प्रज्ञांजनाश्रीजी म. के नाम से संयम सावाना कर रहे हैं। तीन मासक्षमण, तीन उपल्लान व वर्षीतप की सावाना करने वाले पूज्य तपस्वी मुनि श्री पिछले काफी समय से अस्वस्थता के कारण पालीताना श्री जिन हरि विहार में बिराज रहे थे। मौन पूर्वक परमात्मा आदिनाथ व नवकार महामंत्र को आराधना करते करते उनका स्वर्गवास हो गया। पूज्य मुनि श्री मननप्रभसागरजी म. ने उनकी पूरी वैयावच्च को उनके वैयावच्च भावों की जितनी अनुमोदना की जाय उतनी कम है। पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में चेन्नई में गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। पूज्य आचार्य श्री ने कहा- मुनि मौनप्रभसागरजी म. तपस्वी थे। वृद्ध अवस्था में भी अट्ठाई, उपवास आदि तप लगातार करते थे। उनकी आत्मा को शांति व सद्गति मिले व क्रमशः आयलाना द्वारा मुक्ति प्राप्त करे यही कामना।  

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