मांडवला - श्री जिनकान्तिसागरसूरि स्मारक ट्रस्ट, जहाज मंदिर, मांडवला की बैठक पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य प्रवर श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य रत्न पूज्य गुरुदेव अवंति तीर्थोद्धारक युगदिवाकर खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में चेन्नई नगर में ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री उत्तमचंदजी रांका की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें गत बैठक की कार्यवाही पारित की गई। ट्रस्ट का लेखा जोखा प्रस्तुत किया गया उसे स्वीकृति प्रदान की। जहाज मंदिर की प्रतिष्ठा वि. 2055 माघ सुदि 14 ता. 30 जनवरी 1999 को संपन्न हुई थी। प्रतिष्ठा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती महोत्सव मनाने का निर्णय किया गया। संघवी श्री हंसराजजी मुथा को सर्वसम्मति से रजत जयंती महोत्सव समिति हेतु संयोजक बनाया गया, श्री सूरजमलजी देवडा धोका को सह संयोजक बनाया गया। पूज्य आचार्य प्रवर श्री जिनमनोशसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा पूजनीया माताजी म. श्री रतनमालाश्रीजी म.पू. बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म. आदि राजस्थान में विचरण कर रहे साधु साध्वियों को विनंती करने दायित्व श्री लूणकरणजी बोथरा, श्री गजेन्द्रजी संखलेचा को दिया गया। प्रचार प्रसार का दायित्व श्री गौतम संखलेचा चेन्नई को दिया गया। रजत जयन्ती महोत्सव निमित्त रत्नत्रयी महोत्सव मनाने का निर्णय किया गया। यह आयोजन 21 फरवरी से प्रारंभ होगा। 23 फरवरी को 25वी ध्वजा चढाई जायेगी। इस महोत्सव निमित्त सभी को लाभ देने के लक्ष्य से 27 हजार का नकरा रखा गया है। लाभार्थी परिवार के दो नाम पत्रिका में प्रकाशित किये जायेंगे वे समस्त आयोजन के लाभार्थी होंगे। यह ज्ञातव्य है कि पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य प्रवर श्री जिनकान्तिसागरसूरीश्वरजी म.सा. का स्वर्गवास मांडवला में ता 4 दिसम्बर 1985 में हुआ था। उनकी पावन स्मृति में अग्निसंस्कार पावन भूमि पर विश्व प्रसिद्ध जहाज मंदिर बना है।