रायपुर ( खबर छत्तीसगढ़ 24 ) - बहुत सी बातें होती है सम्मोहन/हिप्नोटिज्म/वशीकरण/मोहिनी के बारे में तरह तरह की चर्चाएं कौतूहल जगाती है। रहस्यमयी कथाएं इस वैज्ञानिक युग में तर्क की कसौटी पर कसकर क्या सच है, क्या झूठ या फिर अंधविश्वास सबको परखने की इच्छा जगाती है। हाल ही में भारत के पुरातन ज्ञान को जानने समझने का अवसर मिला। पहले विपश्यना के माध्यम से ध्यान मेडिटेशन और अब हिप्नोटिज्म के बारे में। दोनों ही विद्या भारत की शक्ति है और पूरी तरह वैज्ञानिक। https://youtu.be/JfjqIvfof1c?si=-KaV77V34KBbtsP_ सम्मोहन का अनुभव करवाया मेघा बैद ने जिसने अमेरिका की यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन इसकी शिक्षा ग्रहण की है। दरअसल यह विद्या हमारे देश में जादू मंतर के तौर पर भी प्रचलित है और कई तरह की भ्रान्ति भी है। पुराने समय में ऋषि मुनियों ने इसे गोपनीय भी रखा कहीं इसका दुरुपयोग नहीं हो। कई कहानियो में राक्षसों द्वारा इस विद्या के दुरुपयोग का वर्णन भी है। लेकिन यह विधि असाध्य बीमारियों और असहनीय पीड़ा को दूर करने का अचूक उपाय भी है। मनोचिकित्सकों के लिए वरदान है और इस माध्यम से गंभीर रोग का सफल इलाज किया जा सकता है। अपराधियों के आचार विचार को बदला जा सकता है। जीवन में बड़े सपनों को पूरा की जा सकता है। अमूर्त भय को समाप्त किया जा सकता है। मानव के मनोभाव को समझने में यह विज्ञान सफल है। भारतवर्ष में सम्मोहन विद्या काफी पुरानी मानी जाती है. इसका वर्णन धर्म ग्रंथों में मिलता है. वहीं तंत्र शास्त्र में इसे मोहिनी और वशीकरण विद्या के नाम से भी जानते हैं. प्राचीन समय में इस विद्या का इस्तेमाल भारतीय साधु संत सिद्धियां और मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया करते थे. सम्मोहन विद्या एक प्रकार की गुप्त सिद्धियां है, जिसे पाने के लिए साधु संत बहुत कठिन साधनाएं किया करते थे। क्या है सम्मोहन समझते है। वैज्ञानिक शोधों से यह बात सिद्ध हो चुकी है कि हमारे मन की मुख्यत: दो अवस्थाएं होती हैं. चेतन मन और अवचेतन मन, सम्मोहन के दौरान अवचेतन मन को जागृत किया जाता है.चेतन मन : खुली आंखों से हम जो भी कार्य करते हैं वह हमारे चेतन मन के द्वारा किया जाता है। विज्ञान की मानें तो यह हमारे मस्तिष्क का वह भाग होता है, जिसके दिए गए निर्देश हमें पता होते हैं। यह तर्क पर आधारित होता है, अवचेतन मन : गहरी नींद में जब कोई सपना देख रहे होते हैं तो वह हमें अवचेतन मन के द्वारा दिखाए जाते हैं. इसे अर्ध चेतन मन भी कहा जा सकता है. जब हम गहरी नींद में होते हैं तो हमारा यह मन जागृत होता है, -ऐसा माना जाता है कि सम्मोहन की स्थिति सपने जैसी अवस्था होती है, सम्मोहित हुआ व्यक्ति बोल, पढ़ लिख सकता है, बहुत सारे अन्य कार्य भी कर सकता है, गहरा विश्राम सम्मोहन की पहचान है, लेकिन पर्दे के पीछे काफी कुछ चल रहा होता है, खासकर आपके मस्तिष्क में; और ये तंत्र - जिनमें मस्तिष्क तरंगें और न्यूरोट्रांसमीटर शामिल हैं - यही कारण है कि सम्मोहन काम करता है और यह कैसे सार्थक परिवर्तन और स्थायी उपचार उत्पन्न करने में मदद कर सकता है। तनाव, आघात, अवसाद, शोक, भय, चिंता, नींद की समस्या, दर्द प्रबंधन, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम, खाने के विकार, माइग्रेन और अवांछित आदतों से संबंधित समस्याओं के समाधान में सम्मोहन विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है। इसलिए सम्मोहन के बारे में जो भ्रांतियां है उसका निराकरण होना जरूरी है। और इस विद्या का चिकित्सा सहित मनुष्य के कल्याण में उपयोग करने हेतु अध्ययन की आवश्कता है और इस लेख का उद्देश्य भी यही है भारत की इस विद्या के प्रति आम जनमानस में भ्रम दूर कर इसकी शिक्षा को बढ़ावा देना।