कवर्धा :- विधानसभा चुनाव की घोषणा और कवर्धा से भाजपा प्रत्याशी फायर ब्रांड युवाओं मे विशेष पहचान बनाने वाले युवा तुर्क विजय शर्मा कवर्धा के लाडले को जिस किस्म से स्वागत आसपास से आये लोगों ने आतिश बाजी गाजे बाजे के साथ नगर भ्रमण पर स्वागत किया है, उसे देखकर लगता है की भाजपा कार्यकर्ताओ मे जीत के प्रति आश्वस्त हो गये हैं।
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इतिहास के पन्ने खांगले जाते हैं, तो कवर्धा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति ज्यादातर राजमहल के इर्दगिर्द घूमते रहा है। कुछ वर्ष से विराम लग गया है। कांग्रेस पार्टी से राजपरिवार को लगभग किनारे लगा दिया गया है, जिससे राजपरिवार नाराज चल रहा है। इसलिए कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती है। राजपरिवार से ही इस बार राजा खड़कराजसिंह आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ दिन पूर्व राजा योगेश्वर राजसिंह के जन्मदिन पर कवर्धा राजमहल मे भिड़ देखी गई है, और खड़गराज की पहचान छोटे भाई के रूप मे लोगों से कराया जा रहा था, उससे साफ लगता है चुनाव का रंग कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में कुछ खाश होने वाली है। कांग्रेस प्रत्याशी अकबर भाई केबिनेट मंत्री है, राजनीति में बड़ा चेहरा है। इस बात की पुष्टि स्वयं पिछले दिनों पूर्वमुख्यमंत्री रमनसिंह कर चुके है। हालांकि 2013 के चुनाव मे अकबर भाई को एक पार्षद के समाने हार का स्वाद चखाना पड़ा था। पिछले चुनाव में भारी अंतर से उसी अशोक साहू को हराया था जो एक रिकार्ड है। किन्तु भाजपा कुछ महीने के बाद हुए लोकसभा चुनाव के परिणाम को देखर लबरेज है। भाजपा हिन्दु मुश्लिम कार्ड खेलती है सर्वविदित है। कवर्धा मे हिन्दु मुश्लिम कार्ड सबसे बड़ा फेक्टर है। विजय शर्मा कट्टर हिंदूवादी चेहरा मना जाता है, जहाँ पर कवर्धा में झंडा विवाद था, कल की रैली वहां तक गई है, और रैली मे खाश बात ये रहा है कि JCB यानी बुलडोजर लेकर घुमाया जा रहा था, जो अपने आपमें कई संदेश देता है। बुलडोजर रैली मे आकर्षण का केंद्र रहा है। विजय शर्मा का अंदाज भी भ्रमण के दौरान विजय होने के प्रति आश्वस्थ् नजर आ रहा था।
बहरहाल अभी तो ये शुरुवाती दौर है, कई राउंड बनते बिगड़ते समीकरण जनता बीच देखना है। विभिन्न राजनितिक दल के बड़े नेताओं और धर्मगुरुओं का कवर्धा आगन हो सकता है, जिससे भी जनता का मूड बदलना बांकी है। परिणाम जो भी निकलकर आये पर माहौल दिलचस्प बन गया है।