पंडरिया - एक सशक्त महिला प्रत्याशी श्रीमती भावना बोहरा को पंडरिया विधान सभा के लिए भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाकर अपने कार्यकर्ताओं पदाधिकारी मंडल जोंन के सदस्यों में सुस्त बैठे लोगों में जान डालने का काम की है। समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है, भाजपा के सभी कार्यकर्ता भावना बोहरा के जीत के प्रति अस्वास्त हैं। इधर कांग्रेस में मनमौवल का दौर चल रहा है, पार्टी के टिकट नही मिलने से खासे नाराज है, जो मनभेद कांग्रेसियों में दिखाई दे रहा है, आपसी गुटबाजी खेमेबाजी में दिखाई दे रहा है, इसका खामियाजा पार्टी प्रत्याशी को भुगताना पड़ सकता है। वैसे भी इस विधानसभा में ही नही प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी और गोडवाना गड़तंत्र पार्टी का गठाबंधन होने से भी कांग्रेस को ज्यादा नुकसान होते दिख रहा है, पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा को जो वोट मिला था, वह लोगों के जेहन से निकलपाना भी मुश्किल है। एक बड़ी वोट बैंक वाली समाज को स्थान नही देने से खासी नाराज है, इसका नुकसान भी कहीं न कहीं कांग्रेस को होता हुआ दिखाई दे रहा है। क्षेत्रीय संगठन के पदाधिकारीयों का रवैया भी अच्छा नही रहा है कुछ लोगों के नाम का विरोध भी कांग्रेस के ग्रामीण शहरी क्षेत्र में है उसका भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। कांग्रेस पार्टी एक मास बेस पार्टी मानी जाती है तो भाजपा केडर बेस पार्टी होने का लाभ मिलता है। भावना बोहरा विधायक न रहकर भी इस क्षेत्र में समाज सेविका के रूप में लोगों के बिच रहकर अपनी पहचान बनाकर लोगों के दिल में खाशी जगह बना ली है। वनांचल से लेकर ग्रामीण शहरी क्षेत्र में भी कार्यशैली को जनमानस पसंद कर रही है। भाजपा में जो लोग टिकट के दावेदार थे वो पार्टी लाइन से हटकर काम नही करेंगे तो बहुत ज्यादा लाभ पार्टी को मिलने की संभावना है। इस विधानसभा में चार जातियों की संख्या ज्यादा है। जो परिणाम को प्रभावित करते हैं। मैदान में प्रदेश के एक मात्र मान्यता प्राप्त पार्टी स्वर्गीय अजीत जोगी जी की पार्टी के साथ ही आम आदमी पार्टी अन्य भी चुनाव में भाग ले रहे हैं। बहरहाल अभी तो ये चुनाव का शुरुवाती दौर है, बहुत कुछ समीकरण बनते बिगड़ते रहेगें जनता किस पर अपनी विश्वास रखती है, और मुद्दों को आधार मानकर उस पर उचित फैसला देगी भविष्य के गर्भ में छिपा है।