कवर्धा मे धर्म के नाम पर वोट मांगना अकर्मण्यता का घोतक है - विजय वैष्णव
कवर्धा मे धर्म के नाम पर वोट मांगना अकर्मण्यता का घोतक है – विजय वैष्णव
कवर्धा - किसान कांग्रेस के अध्यक्ष विजय वैष्णव ने विज्ञप्ति जारी करते हुवे बताया कि 2013 के विधानसभा चुनाव मे वनांचल के वोटिंग मशीन को छलपुर्वक उल्टा किया गया, तब धर्म याद नही आयी कांग्रेस प्रत्याशी 2528 वोट से पराजय हुए थे, तब से जनता गांठ बांध रखी थी। 2018 के चुनाव में लोगों का पुरा गुबार फूटा और परिणाम 59284 वोट से भाजपा को हार मुह देखना पड़ा। नतीजन ये हुआ कि रमन सिंह के साख पर बट्टा लगा परिवार को लोकसभा की टिकट से भी वंचित होना पड़ा।
कवर्धा विधानसभा मे भाजपा की स्थित कमजोर
कबीरधाम को भौगोलिक दृष्टिकोण से देखी जाय तो वृष्टीछाया क्षेत्र होने के कारण अधिकतर अल्पवर्षा की स्थिति बनी रहती है। भाजपा के तीन पंचवर्षीय शासन काल मे एक भी दिर्घ/मध्यम/लघु सिंचाई परियोजना अंतर्गत एक भी काम नही हुआ। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना मे प्रति ट्रेक्टर गन्ना आपूर्ति के लिए पांच हजार रुपए तक रिश्वत लिया गया। पर्ची घोटाला भाजपा की उपलब्धि रही। वन समिति के आड़ में बनवासी आदिवासियों को टाइगर प्रोजेक्ट के नाम पर हजारों आदिवासी परिवार को उजाड़ने का साजिस रचा गया था। नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत के नजूल भूमि मे पट्टो के नवीनीकरण बंद पड़े थे। संकरी नदी शहर सहित अन्य जिलेवासियों के आगमन के लिए अभिशाप बन गया था। दलदली माइंस क्षेत्र मे भूमि खरीदी- बिक्री प्रतिबंधित था। कवर्धा में एक भी रोजगार मुलक साधन नही बना।
मुह मे राम बगल मे छुरी वाली चरित्र भाजपा की -
भाजपा के 2014 घोषणापत्र मे गाय व गौवंश के संरक्षण, संवर्धन की बात कही गयी थी। उलटे 2014 मे तेरह लाख पचास हजार मिट्रिक टन, 2019 मे अट्ठारह लाख पचास हजार मिट्रिक टन एवं 2026 तक इसे उन्नीस लाख तीस हजार मिट्रिक टन गौमांस निर्यात का लक्ष्य केंद्र की भाजपा सरकार ने रखी है इसे कहते हैं मुंह मे राम और बगल मे छुरी, जो चरितार्थ हो रहा है। भाजपा को गौवंश की चिंता है तो संसद में प्रस्ताव पास कर गौहत्या पर रोक क्यों नही लगाती है। धर्म के नाम पर राजनितिक सत्ता हथियाने का हथ्थकंडा अपनाने वाली भाजपा छत्तीसगढ़ में बघेल जी के नेतृत्व् कांग्रेस की सरकार रामगमन पथ निर्माण करा रही है, उससे सीख लेने की आवश्यकता है। सही मायने में भूपेश सरकार का कोई तोड़ नही है।