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108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ससंघ का चंद्रगिरी डोंगरगढ़ में हुआ भव्य मंगल प्रवेश।

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डोंगरगढ़ – संत शिरोमणि 108 आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ससंघ का चंद्रगिरी डोंगरगढ़ में हुआ भव्य मंगल प्रवेश। इस दौरान जैन समाज डोंगरगढ़, डोंगरगढ़ नव युवक मंडल, महिला मंडल, बाल मंडल, चंद्रगिरी ट्रस्ट समिति, हाथकरघा के समस्त कर्मचारी, प्रतिभास्थाली के बच्चे एवं समस्त ब्रह्मचारिणी दीदियों ने बैंड – बाजे,संगीतमय भक्ति, गाजे बाजे के साथ जुलूस निकालकर अपने गुरु जी ससंघ का स्वागत - अभिनंदन किया। [video width="640" height="368" mp4="https://khabarchhattisgarh24.com/wp-content/uploads/2023/12/VID-20231226-WA0557.mp4"][/video] इसी तारतम्य में डोंगरगढ़ दिगम्बर जैन समाज की बहुओं ने अपने घरों के सामने एवं प्रवेश मार्ग पर सुन्दर – सुन्दर रंगोली बनाई एवं अपने गुरु जी का दिया, आरती, श्रीफल आदि से स्वागत – अभिनन्दन किया। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ससंघ तिल्दा नेवरा (छत्तीसगढ़) से लगभग 160 किलोमीटर लगातार पद विहार कर रायपुर, भिलाई, दुर्ग, राजनंदगांव होते हुए चंद्रगिरी डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) पहुचे। श्री दिगम्बर जैन चंद्रगिरी ट्रस्ट के अध्यक्ष सेठ सिंघई किशोर जैन ने बताया की आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जी की विशेष कृपा एवं आशीर्वाद से अतिशय तीर्थ क्षेत्र चंद्रगिरी मंदिर निर्माण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है, और यहाँ प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ में कक्षा चौथी से बारहवीं तक CBSE पाठ्यक्रम में विद्यालय संचालित है, और विगत वर्ष से कक्षा एक से पांचवी तक डे स्कूल भी संचालित हो गया है। जिसका प्रवेश प्रारंभ हो चुका है। [video width="640" height="368" mp4="https://khabarchhattisgarh24.com/wp-content/uploads/2023/12/VID-20231226-WA0555.mp4"][/video] यहाँ गौशाला का भी संचालन किया जा रहा है, जिसका शुद्ध और सात्विक दूध और घी भरपूर मात्रा में उपलब्ध रहता है। यहाँ हाथकरघा का संचालन भी वृहद रूप से किया जा रहा है जिससे जरुरत मंद लोगो को रोजगार मिल रहा है और यहाँ बनने वाले वस्त्रों की डिमांड दिन ब दिन बढती जा रही है। यहाँ वस्त्रों को पूर्ण रूप से अहिंसक पद्धति से बनाया जाता है जिसका वैज्ञानिक दृष्टि से उपयोग कर्त्ता को बहुत लाभ होता है| आगे का कार्यक्रम आचार्य श्री जी के निर्देशानुसार किया जायेगा जिसकी जानकारी समय – समय पर दी जायेगी। उक्त जानकारी चंद्रगिरी डोंगरगढ़ के ट्रस्टी निशांत जैन (निशु) ने दी है |

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