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रायपुर में भारतीय जैन संघटना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए "जल मिशन प्रचार रथ" का उद्घाटन किया है।

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भारतीय जैन संघटना का मिशन जल क्रांति

रायपुर - 4 मार्च 2024 जिला रायपुर में भारतीय जैन संघटना ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए "जल मिशन प्रचार रथ" का उद्घाटन किया है। इस अद्वितीय पहल के तहत, भारतीय जैन संघटना ने जल संरक्षण के मामले में अपना समर्पण दिखाया है और लोगों को जल संतुलन की महत्वपूर्णता समझाने के लिए "प्रचार रथ" का उद्घाटन  किया है।

"मिशन जल प्रचार रथ" जिले के सभी क्षेत्रों में घूमकर लोगों को जल संरक्षण के लाभों और तालाबों के पुनर्जीवन करने में सफल होंगे और भविष्य मे पानी की आने वाली विकट समस्या से कैसे  बचा जा सकता हैं, इन उपायों के साथ अवगत कराएगा। इसके माध्यम से भारतीय जैन संघटना ने जनसमर्थन बढ़ाने का निर्णय किया है और जल संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने का कार्य किया है।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री हरि कृष्ण जोशी (अतिरिक्त मुख्य कार्य पालन अधिकारी), एवं श्री अविनाश मिश्रा (आयुक्त  नगर निगम), श्री मानवेंद्र दफतरी (जिला अध्यक्ष), श्री हर्षवर्धन बाघमार (जिला सचिव), श्री मनोज लुंकड़ (राज्य अध्यक्ष) के द्वारा प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और साथ ही भारतीय जैन संघटना के कार्यकर्ता के रूप में श्री हंसराज जी कोठारी, श्री शंभू गुप्ता, श्री संपत झाबक, श्री विजय कांकरिया (दादा बाड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष), श्री अभय भंसाली (दादाबाड़ी ट्रस्ट कार्यकारी अध्यक्ष), श्री संजय सिंघी, श्री कन्हैयालाल बैध, श्री नमन लोढा, श्री गौतम जैन, श्री ताराचंद पारख, श्री रोमिल  छाजेड, श्री विकास गोलछा, श्री वैभव गोलछा, श्री जितेंद्र गोलछा, श्री लीलेश गोठी, श्री गौतम, श्री प्रकाश सांखला, श्री राजेन्द्र पारख, श्रीमती मंजू कोठारी, श्रीमती दिव्या डाकलिया, श्रीमती सुशीला जी सम्मिलित हुए।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित सभी अधिकारीगण और संगठन के सदस्यों ने इस महत्वपूर्ण कदम की सराहना की और उन्होंने यह भी विशेषकर बताया कि कैसे इस पहल से जनता को सशक्त बनाया जा सकता है।

"जल मिशन प्रचार रथ" के माध्यम से लोगों को न केवल जल संरक्षण के लाभों के बारे में जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें इसे अपनी दिनचर्या में कैसे शामिल कर सकते हैं, यह भी सिखाया जाएगा। इससे किसान भाई भी लाभान्वित होंगे। इस अद्भुत पहल के माध्यम से भारतीय जैन संघटना ने सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक नया कदम उठाया है और इस तेज़ी से बढ़ते हुए शहरीकरण एवं घटते हुए भू जल लेवल की समस्या का एक मात्र प्राकृतिक उपाय है , पुरे भारत में 100  जिले को जल समृद्ध वाले जिलों की श्रृंगारी सूची में  छत्तीसगढ़ के 15 जिले भी शामिल किया है।

यह पहल न सिर्फ जल संरक्षण में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी, बल्कि जनता को भी साकारात्मकता की दिशा में प्रेरित करेगी। भारतीय जैन संघटना का यह कार्यक्रम एक नये आधुनिक भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का संकल्प है।

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