कैवल्य धाम कुम्हारी - गर्मी की छुट्टियों में बच्चों के लिए कैवल्य धाम में 28 मार्च तक एक अनोखा शिविर चल रहा है, इनर हैप्पीनेस शिविर, जिसका उद्देश्य बच्चों में आंतरिक प्रसन्नता को बढ़ाना है।
आज के समय में बच्चों में पढ़ाई व कंपीटीशन से जनित तनाव को समझने एवं उन्हें दूर करने की तथा बच्चों की कोमल भावनाओं को सहेजने की आवश्यकता है। माता-पिता अपने काम व एकल परिवार व्यवस्था के कारण इसे समझ नही पाते व बच्चों को समय न दे पाते हैं तो बच्चा दुखी होता है, और कभी-कभी डिप्रेशन में जाने लगता है। ऐसे समय में यह जिम्मा विचक्षण जैन विद्यापीठ ट्रस्ट ने उठाया है। जैन संतों के द्वारा प्रेरित इस संस्था का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना ही है। बच्चों के व्यवहार को समझना, उनके शारीरिक ,मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास पर कार्य करते हुए एक संपूर्ण संवेदनशील व्यक्तित्व का निर्माण करना ही संस्था का उद्देश्य है। आज जहां अधिकतर शिक्षा संस्थानों में भौतिक शिक्षा को ही अधिक महत्व दिया जाता है, वहीं संस्था द्वारा भौतिक शिक्षा के साथ बच्चों में निगेटिविटी को कम करने तथा बच्चों के जीवन में सहनशीलता, संयम, मैत्री व करुणा के भाव उत्पन्न हों यह प्रयास किया जाता है। जीवन मूल्यों व आध्यात्मिकता के प्रति उनकी रुचि बढे, जिससे जीवन में कभी भी विपरीत समय आने पर उनकी आंतरिक प्रसन्नता कम न हो। जिस तरह हमें सूखे पेड़ पौधे के बजाय हरियाली पसंद आती है, इस तरह दुखी, गमगीन व्यक्ति के बजाय एक खुश व हंसमुख व्यक्ति को सभी पसंद करते हैं। ऐसा व्यक्तित्व ही परिवार समाज व देश के लिए उपयोगी बन सकता है। जीवन की अनंत यात्रा में यह जीवन एक पड़ाव है।।हम सौभाग्यशाली है कि हमें इस जीवन मे पांचो इंद्रियां परिपूर्ण अवस्था में मिली है। हमें इस जीवन का निर्वाह भी करना है, और ज्ञान के माध्यम से स्वयं का विकास करते हुए भावी जीवन का निर्माण भी करना है। यही इस संस्था व इस शिविर का उद्देश्य है।
कुम्हारी कैवल्यधाम तीर्थ के सामने स्थित विचक्षण जैन विद्यापीठ परिसर में इस समय 600 से अधिक बच्चों का रेजिडेंशियल शिविर चल रहा है। जहां यह बच्चे जैन समाज के संत उपाध्याय परम पूज्य मनीष सागर जी महाराज साहब जो स्वयं इंजीनियर व जीवन प्रबंधन में पीएचडी हैं उनकी निश्रा में आर्ट, क्राफ्ट, सेल्फ डिफेंस, स्पोर्ट्स, संगीत, भक्ति व मनोरंजन के साथ व्यक्तित्व विकास, अध्यात्म एवं संस्कारों की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
बच्चों का रूटीन सुबह 5:00 बजे से प्रारंभ होता है। 5:30 तक फ्रेश होकर बच्चे 5:30 से 6:00 बजे तक शरीर एवं मन के लिए योग ज्ञान एवं प्रार्थना करते है। 6 से 7:30 बजे तक पूजा, मंदिर दर्शन करने के बाद नाश्ता दिया जाता है। 7:30 से 9:00 बजे तक असेंबली एवं 9 बजे से 1 बजे तक बच्चों के विभिन्न विषयों की कक्षाएं होती है, 1 से 2 बजे तक भोजन एवं उसके बाद बच्चों के रेस्ट करने का समय है, 2:00 बजे से फिर विभिन्न विषयों की क्लासेस शुरु होती है जो 4:00 बजे तक चलती है। चार से पांच बजे तक विभिन्न खेल एवं सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग होती है, 5 से 6 को शाम का भोजन एवं विश्राम का समय होता है, 6:30 पर आरती एवं 7:00 से 9:00 तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं,जिसमें बच्चे एवं विभिन्न स्थान से आये हुए कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
9 से 9 .15 तक एक विशेष सेशन प्लीज, थैंक यू एवं सॉरी का होता है जिसमें दिन भर में यदि कोई गलती हुई उसके लिए क्षमा (सॉरी) किसी ने हमारी मदद की है उसे धन्यवाद (थैंकयू) एवं किसी से कुछ मदद चाहिए तो उससे विनती (प्लीज) करना यह उनकी दैनिक चर्या में शामिल हो यह अभ्यास कराया जाता है।इसके बाद 9:30 को बच्चे सोने चले जाते हैं।
यह शिविर की दैनिक रूटीन है।
दिन भर में विशेष क्लासेस होती है जिसमें साधु एवं साध्वी वृंद बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान के साथ साथ वे सभी गुण जो उनके जीवन में होने चाहिए उनको विभिन्न विषयों के से तर्कों , उदाहरणों ,कथाओं व प्रयोगों के माध्यम से समझा कर ये उनके व्यक्तित्व में आ जाए इसका प्रयास करते हैं। इनर हैप्पीनेस शिविर में 50 से अधिक कार्यकर्ता जो छत्तीसगढ़ के सभी स्थानो से आए हैं, यहां रहकर शिविर के सफल और व्यवस्थित संचालन में अपना योगदान दे रहे हैं। शिविर में तकनीकी पक्ष का पूरा उपयोग किया गया पेपरलेस वर्किंग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शिविर की व्यवस्था करने में किया गया। इस तरह की आयोजन विचक्षण जैन विद्यापीठ के सामाजिक सरोकारों को पूर्ण करने की दिशा में एक कदम है। निश्चित रूप से इस तरह के आयोजनों से बच्चों के चरित्र के निर्माण एवं उनमें परिवारिकता एवं सामाजिकता के गुण को विकसित करने में मदद मिलती है, जो आज के समय की आवश्यकता है जिससे एक स्वस्थ सुदृढ चरित्र वाले एवं विकासोन्मुख समाज की स्थापना में मदद मिलेगी।
संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश सावन सूखा ने बताया कि यह नॉन प्रॉफिट मोटिव संस्था है, और संस्था द्वारा सत्र 2024 25 से JEE, NEET व CA फाउंडेशन की तैयारी के लिए विशेष योग्यता एवं अनुभव वाले फैकल्टी को अप्वॉइंट किया है जो बच्चों को इन विषयों की एडवांस ट्रेनिंग देंगे, जो पूर्णतः निशुल्क रहेगी।
17 Aug 2026