भोपाल - तीर्थंकर महावीर भगवान महावीर स्वामी का जन्म ईसा से ५९९ वर्ष पूर्व कुंडग्राम (बिहार), भारत मे हुआ था। वर्तमान में वैशाली (बिहार) के वासोकुण्ड को यह स्थान माना जाता है। २३वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ जी के निर्वाण (मोक्ष) प्राप्त करने के 188 वर्ष बाद इनका जन्म हुआ था। जैन ग्रन्थों के अनुसार जन्म के बाद देवों के मुखिया, इन्द्र ने मेरु पर्वंत पर ले जाकर बालक का क्षीर सागर के जल से अभिषेक कर नगर में आया। वीर और श्रीवर्घमान यह दो नाम रखे और उत्सव किया। इसे ही जन्मकल्याणक कहते हैं, गर्भ अवतरण के समय तीर्थंकर महावीर की माता त्रिशला ने १६ शुभ स्वप्न देखे थे, जिनका फल राजा सिद्धार्थ ने बताया था।
इस महोत्सव पर जैन मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाता है। भारत में कई जगहों पर जैन समुदाय द्वारा अहिंसा रैली निकाली जाती है। इस अवसर पर गरीब एवं जरुरतमंदों को दान दिया जाता है। कई राज्य सरकारों द्वारा मांस एवं मदिरा की दुकाने बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं। भारतीय राज्यों में राष्ट्रीय स्तर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।
जतिन जैन - मीडिया प्रभारी
तारण तरण दिगम्बर जागृति मंडल
भोपाल मध्य प्रदेश
17 Aug 2026