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भगवान् महावीर के उपदेश महावीर जन्म कल्याणक 21 अप्रैल 2024

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भखारा में धूमधाम से मनाया जा रहा है जन्मकल्याणक महोत्सव।

भखारा - भगवान् महावीर के उपदेश महावीर जन्म कल्याणक 21 अप्रैल 2024

1.क्रोध,मान,माया,और लोभ ये चारों दुर्गुण पाप को वृद्धि करने वाले हैं.जो अपनी आत्मा की भलाई चाहे वह इन चारों दोषों को छोड़ दे.

2.व्यक्ति जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है.

3.आत्मा को तपाओ,सुकुमारता छोड़ो,कामना को दूर करो तो निश्चित दुःख दूर होगा.यही नहीं वरन सुख प्राप्त करने हेतु द्वेष का नाश,राग भाव त्याग भी आवश्यक है.

4.हित,मित,प्रिय वचन बोलो,आवश्यकता से अधिक ना बोलो,पाप से डरो.

5.जो अपने वर्तमान को सार्थक करता है,उसका भविष्य भी सार्थक होता है.

6.पुण्य करना कठिन है,पर पुण्य का फल भोगना सरल है.पाप करना सरल है,पर पाप का फल भोगना कठिन है.

7.घृणा पाप से करो,पापी से नहीं.

8.गलत समझा गया,अज्ञान से भी ज्यादा खतरनाक है.

9.आत्मा शरीर में है,किन्तु शरीर आत्मा नहीं है.

10.सचमुच,तप का आचरण करना तलवार कि धार पर चलने के समान दुष्कर है.

11.जो जैसा बोता है,वैसा ही काटता है.

12.संकट में मन को उंचा,नीचा,डांवाडोल नहीं होने देना चाहिए.

13.सब जीवों की रक्षा करनी चाहिए.

14.गुरु के बिना जीवन-लक्ष्य तक पहुंचना असंभव है.

15.आर्य महापुरुषों ने संभव में धर्म कहा है.

16.दूसरों के दोष जानना आसान है,स्वयं के दोषों को जानना कठिन है.

17.जब तक वृद्धावस्था पीड़ा नहीं पहुंचाती,व्याधि नहीं बढ़ती और इन्द्रियां क्षीण नहीं होती,तब तक धरम का आचरण करना चाहिए.

18.जीओ और जीने दो.

19.वाणी में स्यादवाद,विचारों में अनेकांत,आचरण में अहिंसा ही मुक्ति का द्वार है.

20.न अपनी अवहेलना करो,न दूसरों की.

संकलक-प्रेषक .. ज्योति हरख जैन, भखारा

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