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भगवान महावीर ने जो कहा वे करे आप पावरफुल बन जायेंगे, धर्म से दोस्ती करे आत्मा का कल्याण करे - अक्षय मुनि जैन संत

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जामगांव आर - परिक्षेत्त्रीय महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव का भव्य 30 वा वर्ष आयोजन बटरेल में 21अप्रैल 2024 रविवार को हुआ। सौभाग्यवश विचरण करते भगवान महावीर आत्मशुद्धि  पथ के पथिक विद्वान त्यागी जैन संत प पू अक्षय मुनि एवम प पू दिनेश मुनि जी का पदार्पण हुआ। संत श्री अक्षय मुनि जी ने धारा प्रवाह भगवान महावीर के प्रारंभ भव से निर्वाण तक की भाव यात्रा में भक्तो को मंत्र मुग्ध किए। 27 भव की यात्रा सुनकर भक्तो ने अहो भाव प्रगट करते हुए अपने आप को धन्य समझते हुए संतो के सानिध्य को आत्म कल्याणक मानते हुए तिख्तो के पाठ से सामूहिक वंदना करते हुए उपस्थिति के लिए कृतज्ञता प्रगट किए। 


पावरफुल बनने के लिए धर्म से दोस्ती,,,,,

विद्वान जैन संत अक्षय मुनि जी ने कहा कि आत्मा का कल्याण करने के लिए भगवान महावीर ने जो कहा वे करे, धर्म से दोस्ती करे आपको आनंद मिलना तय मानिए। अधर्म की राह चलने वाला अपने भविष्य को बर्बाद करने में तुला हुआ है। भगवान महावीर का मानने वाले पावरफुल होते है। धर्म के प्रति अपनी समझ विकसित करे नश्वर संसार में भटकाव से रोकने में धर्म ही मददगार साबित हो सकता है।


कुकर्म और धन की अंधी दौड़ से बचे तभी कल्याण हो पाएगा,,,,

कुकर्म और धन की अंधी दौड़ भविष्य में वेदनाओ की महल के लिए स्वयं के द्वारा तैयार की जा रही आधारशिला है। मौज मस्ती मृगतृष्णाई आनंद की झलक दिखाती है लेकिन आनंद नही दे सकती यह झलक की भूल भुलैया स्वयं के साथ धोखा है। स्वाभाविक है अपने साथ धोखा करने वाला दूसरे के साथ भी धोखा ही करेगा। ऐसे लोगो के संगत से सज्जनों को बचना चाहिए।सभी को कंठस्थ कर लेना चाहिए कर्मो के खेल निराले होते हैं। जैसा कर्म कर रहे है वैसा ही फल की प्राप्ति होना है भविष्य अच्छा चाहते हो तो अच्छा कर्म करें। मन को समझाए गलत कार्य का गलत परिणाम ही आयेगा।


महोत्सव में दूर दूर से पहुंचे धर्म प्रेमी,,,,

महोत्सव समारोह के अतिथि धर्मेंद्र पारख सुरगी, डालचंद लुनावत घीना, मनोज नाहर बोरझरा, राधेलाल लोढ़ा दुर्ग, मांगीलाल चांडक अरमरी कला थे। प्रभातफेरी  शोभायात्रा और मंचीय कार्यक्रमों से ओतप्रोत जन्म कल्याणक महोत्सव में दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव, रायपुर, जामगांव आर, रानीतराई, निपाणी, ओदरागहन, सुरपा, बेलहारी, बटरेल, सेमरा, भखारा, आगेसरा, गातापार, तर्रागोंदी, गुण्ड्देही, पचपेड़ी, निपाणी, बोरझरा, गुजरा, पंदर मर्रा, कलंगपुर आदि जैन श्री संघ के सदस्य उपस्थित रहे।


समाज के राजनीतिक गरिमा का स्वागत,,,,

जिला पंचायत पूर्व सदस्य बबिता रायसोनी, पूर्व पंच लक्ष्मी बैद, सरपंच निर्मल जैन, सरपंच जिनेश जैन, नेता प्रमोद जैन, यादमल गोलछा, विनोद नाहर, भविष्य राय सोनी, दीपचंद जैन, किरण रायसोनी आदि समाज के राजनीति गरिमा का सम्मान किया गया, विक्ट्री साइन दिखाकर नेताओ ने स्वागत के लिए आभार व्यक्त किए।

भखारा राल जैन समाज के पदाधिकारियों का टोपी से सम्मान,,,,

भखारा राल जैन समाज के उपस्थित समाजसेवी अध्यक्ष पूर्व अध्यक्ष कोषाध्यक्ष यादमल गोलछा, मनोज नाहर, सोनराज गोलछा, यशवंत राय सोनी, मोहनलाल नाहर, गुलाबचंद रायसोनी, पूनमचंद चोरड़िया को केसरिया टोपी पहनाकर सम्मान किया गया।

त्याग पारसमणि जैसा है जो संपर्क में आए वह महावीर जैसा बन सकता है,,,,,

मंचासीन अतिथि धर्मेंद्र पारख ने कहा कि भगवान महावीर ने त्याग के मार्ग पर चलकर जनमानस को प्रायोगिक तौर पर बताए कि त्याग परसमणि के समान है। त्याग को अंगीकार करने वाला आत्मा का कदम परमात्मा की मंजिल की ओर चल पड़ती है। त्याग की महिमा अपरंपार है वीर को महावीर बना देती है।त्याग की वीरता को अंगीकार करने वाला वीर महावीर बन सकता है।

धर्म संस्कार का स्त्रोत हैऔर संस्कार से जीवन संवरता है,,,,

अतिथि डालचंद लुनावत, मनोज नाहर, कवि राधेलाल लोढ़ा, मांगीलाल चांडक ने कहा कि धर्म संस्कार का स्त्रोत है, और संस्कार से जीवन संवरता है। जो लोग धर्म से परे जीवन जीने की राह चुनने की भूल कर रहे है वे अशांति के कटघरे में घिरते जा रहे है। सभी जानते है जो बीज आप रोपित कर रहे उसका फसल भी आएगा। अच्छा फसल चाहिए तो अच्छा बीज रोपित करे।भगवान महावीर ने त्याग का बीज रोपित करने की वीरता दिखाए वे महावीर बन गए।


महोत्सव में 17 परिवार के 100 सदस्य विशेष रूप से शामिल हुए,,,,

निर्मल जैन, यशवंत रायसोनि, जवरीलाल छाजेड़, आशीष राय सोनी, भविष्य रायसोनी, आशीष कोचर, सुरेश वैद, चंद्रकैलाश जैन, मनीष जैन, प्रेमचंद चोरड़िया, सुरेश चोरड़िया, आसकरण गोलछा, पूनम चंद जैन, जिनेश जैन, प्रमोद जैन, यादमल गोलछा, गौतमचंद चौरडिया परिवार के 100 सदस्य विशेष रूप से शामिल रहे। इसके अलावा अन्य 100 लोगो ने महोत्सव का लाभ लिए। महोत्सव में 200 के लोगो ने सामूहिक भोज करते हुए प्रसाद ग्रहण किए। संचालन कुशल चोपड़ा और आभार गौतमचंद चौरडिया ने किया।

4 साल के विवान ने हनुमान चालीसा कंठस्थ  बोलकर 1500 रु का प्रतिभा सम्मान पाया,,,,

4 साल के विवान ने हनुमान चालीसा कंठस्थ सुनाकर वाहवाही बटोरी समाज के  तीन लोगो ने कुल 1500 रु प्रदान कर विवान की प्रतिभा का सम्मान किए। विवान बच्चो के प्रेणस्त्रोत बने।विदित हो कि विवान के पिता सौरभ राठी जामगांव आर गायक है। समाज ने उपस्थित विवान के दादा भीखमचंद राठी को बधाई देते हुए सम्मान किए।

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