रायपुर - आज प्रातः से ही भैरव सोसाइटी स्थित श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व चमत्कारी जैन दादाबाड़ी में भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा क्योकि आज मंदिर में स्थापित मूर्तियों को साल भर में होने वाली 84 अशातनाओ से शुद्ध मुक्त करने पूर्ण विधि विधान से 18 अभिषेक होना था।
उपरोक्त जानकारी श्री सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने देते हुए बताया कि अभिषेक के लाभार्थी परिवार अत्यंत भक्ति भाव से सपरिवार उपस्थित हो रहे थे। विधिकारक श्री विमल जी गोलछा के मार्गदर्शन में सबसे पहले भूमि शुद्धि हेतु वायु देवता का आव्हान आओ पधारो वायु देवता भूमि शुद्धि करवा ने के बोलो से मंदिर के सभा मंडप की शुद्धि कि फिर क्षेत्रपाल देवता का आव्हान कर उनसे अभिषेक कराने की आज्ञा ली फिर प्रारम्भ हुआ अभिषेक सबसे पहले स्वर्ण के बर्क को गंगा जल में मिलाकर प्रथम अभिषेक मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित मूलनायक श्री सीमंधर स्वामी सुमति नाथजी पार्श्वनाथ जी कोली मंडप में स्थापित महावीर स्वामी गौतम स्वामी व दादाबाड़ी में स्थापित चारो दादागुरुदेव व अन्य देवी देवताओं सहित 19 मूर्तियों को पहले पुष्पांजलि फिर मंत्रोच्चारण के साथ लाभार्थी परिवारों द्वारा अभिषेक किया गया।
ध्वजा महोत्सव प्रतिष्ठाचार्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणि प्रभ सूरीश्वर जी मसा के शुभ आशीर्वाद से उपाध्याय प्रवर, आध्यात्म योगी श्री महेन्द्र सागर जी के सुशिष्य उपाध्याय श्री मनीष सागर जी म सा, श्री विवेक सागर जी, श्री हर्षवर्धन सागर जी के पावन सानिध्य में आयोजित है। 18 अभिषेक के विधान का महत्व बताते हुए श्री विवेक सागरजी मसा ने कहा कि प्रभु श्री सीमंधर स्वामी वर्तमान में महाविदेह क्षेत्र में विराजित है,।जिनका प्रत्यक्ष आशीर्वाद हमें मिलता है। खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरी जी के हस्ते इसका भूमि पूजन व प्राण प्रतिष्ठा हुई उनके आशीर्वाद से यह मंदिर दादाबाड़ी चमत्कारिक रूप में भक्तो की मनोकामना पूर्ण करती है। भैरव सोसाइटी को लघु पालीताना तीर्थ बताते हुए कहा कि श्री सीमंधर स्वामी जिन मंदिर में निरन्तर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों व अमावस्या व पूर्णिमा की पूजा भक्तों के लिए लाभकारी है। आगे विधिकारक श्री गोलछा द्वारा विभिन्न वन औषधियों से 18 अभिषेक पूर्ण किये गए। ट्रस्टी टीकम जैन, नीलेश गोलछा ने बताया कि आज 18 अभिषेक महापूजन के लाभार्थी परिवार मूलनायक श्री सीमंधर स्वामी जी के जीवनलाल डॉ योगेश बंगानी, श्री पार्श्वनाथ जी के सुराना परिवार, श्री सुमतिनाथ जी के सन्तोष सरला बैद, श्री महावीर स्वामी के जसराज मदना बाई बरड़िया परिवार, श्री गौतम स्वामी जी के गुलाबचंद सोहन लाल गोलछा परिवार, चमत्कारी दादागुरुदेव श्री जिनकुशल सूरी जी के जितेन्द्र ममता नाहर, श्री जिनदत्त सूरि जी के सम्पतलाल नरेश बुरड़, श्री जिनचंद्र सूरि जी के पदमचंद कमलचंद गोलछा, दादागुरुदेव के चरण के इंदरचंद जय विजय सांखला, श्री भोमिया जी के निर्मल आशीष पारख, घंटाकर्ण महावीर के पदमचंद कमल गोलछा, श्री लक्ष्मी जी के महेन्द्र कुमार तरुण कुमार कोचर, श्री पद्मावती देवी के ऋषभ चंद प्रेमचंद लोढ़ा, श्री चकेश्वरी देवी के राजेश करुणा सिंघी, पंचागुली देवी के महेन्द्र मंजू कोठारी, चंद्रायण देव प्रीत जी रश्मी पारख, काले गोरे भैरू जी के प्रेम चंदा बैद परिवार लाभार्थी ने महापूजन का विधान सम्पन्न किया।
सुप्रसिद्ध गायक श्री निर्मल पारख द्वारा चांद सा सुंदर मुखड़ा तेरा नैन है अमृत के प्याले वो तो कोई और नही है वो तो है सीमंधर स्वामी के बोलो से भक्ति रस से सभा को ओतप्रोत कर दिया, आगे संतोष बैद व महेन्द्र कोचर डॉ योगेश बंगानी ने बताया कि 3 मई को मंदिर का 7 वां ध्वजारोहण व सीमंधर प्रभु का जन्म कल्याणक महोत्सव भी है तथा पूरे भारत में ये मंदिर ही है, जिसमे ध्वजा आरोहण प्राण प्रतिष्ठा व जन्म कल्याणक सीमंधर प्रभु का एक साथ देखने का सुअवसर हमे प्राप्त होता है, ध्वजा को फहराते देखना व उसमे सह भागिता से अनन्त पूण्य प्राप्त होता है।
17 Aug 2026