रायपुर - तालाबों में बारिश के पानी के साथ साथ मिटटी बह कर आती और जमती है इससे तालाब उथले हो जाते है, उनकी जल संग्रहण क्षमता काम हो जाती है। ऐसे तालाब गर्मियों की शुरुवात में ही सूखने लगते है। और गाव् में पानी की समस्या विकराल हो जाती है।
तालाबों की डिसिल्टिंग (गाद\मिटटी खोदकर निकलना) इस समस्या का बहुउपयोगी हल है। बी जे एस छत्तीसगढ़ के प्रथम चरण में ६ जिलों में कार्य होना है, रायपुर जिला में ४ तालाबों में काम होना है, आज ग्राम बरबंदा से इस कार्य का आगाज़ हुआ है, भारतीय जैन संगठन ने देश के १०० जिलों में कार्य का बीड़ा उठाया है, जिसमे फ़ोर्स मोटर्स का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है।
ग्राम बरबंदा में भारतीय जैन संगठना ने सरपंच एवं गांव वालो के साथ इस कार्य का प्रारंभ नवकार महामंत्र से किया गया। पानी की महत्वता और किसानो को गाद का महत्व समझा कर जागरूक किया, उन्होंने जल क्रांति अभियान का महत्वा समझा और आज उनके सहयोग और उपस्थिति से इस कार्यक्रम का आरम्भ हुआ।
इस कार्यक्रम में वाटर प्रोजेक्ट के राज्य वॉटर हेड श्री विजय जी गंगवाल ने पुरे प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बी जे एस के पूर्व कार्यो से अवगत किया और उपस्थितजनों को पानी की महत्वता पर प्रकाश डाला, छत्तीसगढ़ के राज्य अध्यक्ष श्री मनोज जी लुंकड ने जनभागीदारी की अपील की और सभी के सहयोग की सराहना कि, रायपुर जिला अध्यक्ष श्री मानवेन्द्र दफ़्तरी ने तालाब पुनर्जीवन की उपयोगिता पर विशेष जानकारी दी, उन्होंने कहा की तालाब की जल संग्रह क्षमता बढ़ेगी, कुँए एवम बोरिंग में जलस्तर बना रहेगा, गाद खेतो में डालने से खेत की उर्वरकता बढ़ेगी, इस प्रकार गाव् जल समृद्ध बनेगा एवं उन्होंने रायपुर से पधारे विशेष अतिथियों का जल क्रांति कैप अवं तिलक से स्वागत किया और सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया अवं सरपंच जी के सहयोग के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया। सरपंच श्री जीतेन्द्र पटेल ने गाव् वालो को इन्ही सब जानकारी पर पुनः प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में जे सी बी मशीन को तिलक नारियल पूजा करके कार्य प्रारम्भ किया गया।
जिला अध्यक्ष श्री मानवेंद्र दफ्तरी, जिला सचिव श्री हर्षवर्धन बाघमार, हंसराज कोठरी, संपत जी झाबक संजय सिंघी, प्रकाशचंद चोपड़ा, प्रदीप सांखला, देवानंद बरड़िया, रोमिल छाजेड़, नमन लोढ़ा, अशोक सांखला, लीलेश गोठी, उप सरपंच श्री राजेश वर्मा आदि उपस्थित रहे।
यह पहल न सिर्फ जल संरक्षण में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी, बल्कि जन-जन को भी सकारात्मकता की दिशा में प्रेरित करेगी। भारतीय जैन संगठना का यह कार्यक्रम आधुनिक भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का संकल्प है।
17 Aug 2026